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सभी 816 बच्चों को मिलेगा दाखिला
Sonipat
Updated Tue, 20 May 2014 12:48 AM IST
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नियम 134-ए के तहत पिछले 19 दिनों से क्रमिक अनशन और धरने पर बैठे अभिभावक सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में अभिभावकों ने लघु सचिवालय के मुख्य दरवाजे पर 4 घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे एसडीएम की परिजनों ने एक न मानी। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल की डीसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में डीईओ को स्पष्ट रूप से 22 नहीं बल्कि सभी 816 बच्चों के दाखिले नियम के तहत करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक के उपरांत अभिभावकों ने धरना और क्रमिक अनशन समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान रोहतक से 2 जमा 5 आंदोलन के संचालक एडवोकेट सतबीर हुड्डा भी लघु सचिवालय पहुंचे तथा अभिभावकों को संबोधित किया।
कुछ यूं घटा घटनाक्रम
समय: 10:30 बजे : सुभाष चौक पर इकट्ठे हुए अभिभावक
छात्र अभिभावक संघ, एआईएसएफ, नौजवान भारत सभा, भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में सुभाष चौक पर 19 दिनों से क्रमिक अनशन चल रहा था। अनशन स्थल पर ही सोमवार सुबह अभिभावक एकत्र होने शुरू हो गए। अभिभावकों यहीं से इकट्ठे होकर लघु सचिवालय पहुंचे।
समय: 11:30 बजे : लघु सचिवालय पर धरने की शुरूआत
अब तक लगभग सभी अभिभावक लघु सचिवालय पहुंच चुके थे। अभिभावकों ने लघु सचिवालय पहुंचते ही मुख्य दरवाजे के सामने बैठना शुरू कर दिया। मुख्य दरवाजे के आगे अभिभावकों के बैठने के साथ ही यहां पर प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कई आरोप लगाए।
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समय: 1:10 बजे : अभिभावकों से बात करने एसडीएम आए
डेढ़ घंटे से अधिक धरने पर बैठे अभिभावकों से मिलने के लिये अब एसडीएम अमित खत्री आए। एसडीएम ने अभिभावकों से बातचीत करनी चाहिए, लेकिन शोर-शराबे के चलते वे बातचीत नहीं कर पाए। 10 मिनट में ही एसडीएम वापस चले गए और ये कहते हुए कि 5 आदमी आ जाओ बातचीत करने के लिये।
समय: 1:45 बजे : एक तरफ मीटिंग दूसरी तरफ हंगामा
एसडीएम के कहने पर अभिभावकों में से प्रतिनिधिमंडल सतबीर हुड्डा के नेतृत्व में डीसी से मीटिंग करने चला गया। ऊपर डीसी कार्यालय में मीटिंग हो रही थी, लेकिन नीचे अभिभावकों के बीच हंगामा खड़ा हो गया। अभिभावकों ने मांग उठाई कि सिर्फ उन 22 बच्चों का ही दाखिला क्यों हो, जिन्होंने लिस्ट सौंपी थी। जिस भी बच्चे का ड्रा में नाम है उन सभी बच्चों का दाखिला होना चाहिए। इस पर विमल किशोर ने उपस्थित अभिभावकों को आश्वासन दिया कि प्रशासन से इसी विषय में ही बातचीत की जानी है।
समय: 3:00 बजे : मीटिंग खत्म धरने से हटने की घोषणा
अभी कुछ समय पहले ही डीसी कार्यालय में चल रही बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में डीसी ने डीईओ को तुरंत प्रभाव से बच्चों के दाखिले करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं डीईओ को स्पष्ट तौर पर कहा गया कि ड्रा में शामिल सभी 816 बच्चों के दाखिले करवाए जाएं। इस फैसले के बाद अभिभावक का प्रतिनिधिमंडल नीचे आता है और धरने तथा क्रमिक अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी जाती है।
22 से 66 बच्चों की हुई लिस्ट
सोमवार से पहले दाखिले के लिये अभिभावक द्वारा 22 बच्चों की लिस्ट प्रशासन को सौंपी गई थी। लेकिन सोमवार को ये लिस्ट 66 बच्चों की हो गई थी। सोमवार को 44 बच्चों की एक नई लिस्ट प्रशासन को सौंपी गई। इन बच्चों के अभिभावक सोमवार को धरने में शामिल थे।
लिस्ट पर भी हुआ विवाद
लघु सचिवालय के बाहर धरने के दौरान बच्चों की लिस्ट पर ही विवाद हो गया। जब एसडीएम अभिभावकों से बातचीत करने के लिये आये थे। उस समय उन्होंने कहा कि 22 बच्चों का दाखिला करवा दिया जाएगा। इस पर अभिभावक भड़क गए और हंगामा करने लगे। अभिभावकों ने मांग उठाई कि उन सभी बच्चों को दाखिला दिया जाए, जिनका ड्रा में नाम शामिल है।
डीएसपी को नहीं मिली जगह
अभिभावकों जब धरना दे रहे थे उस समय कोई भी अधिकारी अपने कार्यालय से नीचे नहीं गया। लगभग 1 बजकर 15 मिनट पर डीएसपी सिटी वीरेंद्र कुमार लघु सचिवालय पहुंचे थे। अभिभावकाें के मुख्य दरवाजे पर बैठे होने के कारण उन्हें रास्ता नहीं मिला। इसीलिये वे साइड में से बच-बचकर निकले।
कुछ यूं घटा घटनाक्रम
समय: 10:30 बजे : सुभाष चौक पर इकट्ठे हुए अभिभावक
छात्र अभिभावक संघ, एआईएसएफ, नौजवान भारत सभा, भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में सुभाष चौक पर 19 दिनों से क्रमिक अनशन चल रहा था। अनशन स्थल पर ही सोमवार सुबह अभिभावक एकत्र होने शुरू हो गए। अभिभावकों यहीं से इकट्ठे होकर लघु सचिवालय पहुंचे।
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समय: 11:30 बजे : लघु सचिवालय पर धरने की शुरूआत
अब तक लगभग सभी अभिभावक लघु सचिवालय पहुंच चुके थे। अभिभावकों ने लघु सचिवालय पहुंचते ही मुख्य दरवाजे के सामने बैठना शुरू कर दिया। मुख्य दरवाजे के आगे अभिभावकों के बैठने के साथ ही यहां पर प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कई आरोप लगाए।
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समय: 1:10 बजे : अभिभावकों से बात करने एसडीएम आए
डेढ़ घंटे से अधिक धरने पर बैठे अभिभावकों से मिलने के लिये अब एसडीएम अमित खत्री आए। एसडीएम ने अभिभावकों से बातचीत करनी चाहिए, लेकिन शोर-शराबे के चलते वे बातचीत नहीं कर पाए। 10 मिनट में ही एसडीएम वापस चले गए और ये कहते हुए कि 5 आदमी आ जाओ बातचीत करने के लिये।
समय: 1:45 बजे : एक तरफ मीटिंग दूसरी तरफ हंगामा
एसडीएम के कहने पर अभिभावकों में से प्रतिनिधिमंडल सतबीर हुड्डा के नेतृत्व में डीसी से मीटिंग करने चला गया। ऊपर डीसी कार्यालय में मीटिंग हो रही थी, लेकिन नीचे अभिभावकों के बीच हंगामा खड़ा हो गया। अभिभावकों ने मांग उठाई कि सिर्फ उन 22 बच्चों का ही दाखिला क्यों हो, जिन्होंने लिस्ट सौंपी थी। जिस भी बच्चे का ड्रा में नाम है उन सभी बच्चों का दाखिला होना चाहिए। इस पर विमल किशोर ने उपस्थित अभिभावकों को आश्वासन दिया कि प्रशासन से इसी विषय में ही बातचीत की जानी है।
समय: 3:00 बजे : मीटिंग खत्म धरने से हटने की घोषणा
अभी कुछ समय पहले ही डीसी कार्यालय में चल रही बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में डीसी ने डीईओ को तुरंत प्रभाव से बच्चों के दाखिले करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं डीईओ को स्पष्ट तौर पर कहा गया कि ड्रा में शामिल सभी 816 बच्चों के दाखिले करवाए जाएं। इस फैसले के बाद अभिभावक का प्रतिनिधिमंडल नीचे आता है और धरने तथा क्रमिक अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी जाती है।
22 से 66 बच्चों की हुई लिस्ट
सोमवार से पहले दाखिले के लिये अभिभावक द्वारा 22 बच्चों की लिस्ट प्रशासन को सौंपी गई थी। लेकिन सोमवार को ये लिस्ट 66 बच्चों की हो गई थी। सोमवार को 44 बच्चों की एक नई लिस्ट प्रशासन को सौंपी गई। इन बच्चों के अभिभावक सोमवार को धरने में शामिल थे।
लिस्ट पर भी हुआ विवाद
लघु सचिवालय के बाहर धरने के दौरान बच्चों की लिस्ट पर ही विवाद हो गया। जब एसडीएम अभिभावकों से बातचीत करने के लिये आये थे। उस समय उन्होंने कहा कि 22 बच्चों का दाखिला करवा दिया जाएगा। इस पर अभिभावक भड़क गए और हंगामा करने लगे। अभिभावकों ने मांग उठाई कि उन सभी बच्चों को दाखिला दिया जाए, जिनका ड्रा में नाम शामिल है।
डीएसपी को नहीं मिली जगह
अभिभावकों जब धरना दे रहे थे उस समय कोई भी अधिकारी अपने कार्यालय से नीचे नहीं गया। लगभग 1 बजकर 15 मिनट पर डीएसपी सिटी वीरेंद्र कुमार लघु सचिवालय पहुंचे थे। अभिभावकाें के मुख्य दरवाजे पर बैठे होने के कारण उन्हें रास्ता नहीं मिला। इसीलिये वे साइड में से बच-बचकर निकले।