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आंदोलनरत 22 बच्चों को मिला दाखिला
सोनीपत
Updated Thu, 15 May 2014 12:51 AM IST
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नियम-134 ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले के मामले में बुधवार का दिन काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। सुबह के समय स्कूल संचालकों ने पत्रकार वार्ता कर सिर्फ पहली कक्षा में बीपीएल के तहत दाखिला देने की बात कही। वहीं दोपहर बाद डीईओ के साथ बैठक के बाद आंदोलनरत अभिभावकों के 22 बच्चों को 4 जुलाई तक दाखिला देने की बात मान ली है।
दूसरी ओर अभिभावकों का क्रमिक अनशन 15वें दिन भी जारी रहा। कुछ अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिये डीईओ कार्यालय भी पहुंचे। इस बीच जब उनसे बच्चों के प्रवेश संबंधी बात के बाबत पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गुरुवार को अगर प्रवेश मिल जाता है तो वे अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। गौरतलब है कि लगभग एक माह पहले पहली और दूसरी कक्षा के नियम 134-ए के तहत निकाले गए ड्रा के बाद से बच्चों के दाखिलों पर विवाद बढ़ा है। वहीं जिन 22 बच्चों के दाखिले की बात स्कूल संचालकों ने मानी है, उनकी लिस्ट अभिभावकों द्वारा एक सप्ताह पहले सौंपी गई थी।
गरीबों को दाखिला देंगे तो अन्य बच्चों पर बोझ पड़ेगा ही
हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र मान की अध्यक्षता में निजी स्कूल संचालकों ने सेक्टर-14 स्थित जानकीदास कपूर स्कूल में पत्रकार वार्ता की। इसमें बिजेंद्र मान ने घोषणा की स्कूल सिर्फ पहली कक्षा में ही बीपीएल कार्ड धारक बच्चों को नियम 134-ए के तहत दाखिला देंगे। मान ने बताया कि नियमों के तहत यह ही प्रावधान है और स्कूल संचालक इसी पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि सरकार इन 10 प्रतिशत बच्चों का खर्चा वहन नहीं कर रही। ऐसे में स्कूल को मजबूरन बाकी 90 प्रतिशत पर इन बच्चों को बोझ डालना होगा। इससे और अधिक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। वैसे भी निजी स्कूल संचालक अपने स्तर पर उन गरीब बच्चों को दाखिला दे देते हैं, जिनको वास्तव में जरूरत है। मान ने बताया कि नियमों में साफ तौर पर लिखा गया है कि 134 ए के तहत गरीब, कमजोर तथा मेधावी बच्चों को दाखिला देना है। इन बच्चों से फीस सरकारी स्कूलों की फीस के बराबर फीस लेनी है। ये फीस सिर्फ ट्यूशन फीस की बात है, इसके अलावा स्कूल की अन्य कई तरह की फीस होती है, उस पर कटौती का कोई नियम नहीं है।
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आरटीई की वकालत
पत्रकार वार्ता में मान ने नियम 134 ए की अपेक्षा आरटीई की वकालत की। उन्होंने बताया कि आरटीई में गरीब बच्चों की पढ़ाई, वर्दी, किताबें, कापी आदि सभी चीजें मुफ्त हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार केंद्र द्वारा आए इसके बजट को डकार कर प्रदेश में नियम 134 लागू करवाने की कोशिश में हैं। ताकि सरकार स्वयं को गरीब के समर्थन में दिखा सके। सरकार को आरटीई लागू करवाना चाहिए न कि 134 ए।
राजनीति चमकाने के लिए हो रहा विरोध
पत्रकार वार्ता जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिये ही जानबूझ कर अभिभावकों को भड़का रहे हैं। कई अभिभावक ऐसे हैं जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं, इसके बावजूद वे धरने पर बच्चों सहित बैठते हैं। पत्रकारवार्ता में आशीष आर्या, राजेंद्र गाहल्याण, आदित्य रोहिला, वीरेंद्र बंसल, प्रो. सोमनाथ वर्मा, धर्म प्रकाश आर्या समेत अन्य कई स्कूलों के संचालक भी मौजूद रहे।
डीईओ के साथ बैठक में कबूले 22 दाखिले
पत्रकार के बाद निजी स्कूल संचालकों की डीसी कार्यालय में डीईओ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला के विभिन्न स्कूलों के प्रबंधकों के साथ लंबी बातचीत के बाद ड्रॉ के अनुसार लंबित पहली तथा दूसरी कक्षा के 22 दाखिलों की बात अदालत के मामले के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के लिए स्कूल प्रबंधकों द्वारा मान ली गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों के अभिभावकों का आह्वान किया है कि वे संबंधित दाखिलों के संबंध में शपथ पत्र देते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह शपथ पत्र सही हो। जांच में यदि कमी मिलती है कि तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्कूल एसोसिएशन के राज्य प्रधान एडवोकेट बिजेंद्र मान, स्परिंग बर्ड स्कूल के प्रबंधक प्रो. सोमनाथ वर्मा, शिवा स्कूल के प्रबंधक वीरेंद्र बंसल आदि उपस्थित रहे।
6 सदस्यों की कमेटी का गठन
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उपायुक्त द्वारा बच्चों के दाखिले से संबंधित समस्याओं को निपटारा करने के लिए 6 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एसडीएम सोनीपत के अधीन जिला शिक्षा अधिकारी एवं स्कूल संस्थाओं की ओर से अजमेर सिंह शिव मार्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोनीपत, आशीष आर्या लिटल एंजिल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल सोनीपत, राजेन्द्र गाहल्याण इंडियन मार्डन पब्लिक स्कूल सोनीपत, आदित्य रोहिल्ला विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोनीपत, धर्म प्रकाश आर्या प्रताप सीनियर सेकेण्डरी स्कूल खरखौदा को सम्मलित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने दाखिलों से संबंधित सभी अभिभावकों का आह्वान किया है कि वे जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपने किसी प्रकार की भ्रांति को दूर करने के लिए सीधे तौर पर गठित कमेटी में अपना मामला रखें। किसी भी बिचौलिये के बहकावे में आकर कोई ऐसा कार्य न करें जो कानूनी तौर पर गलत हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अभिभावकों की किसी भी प्रकार की परेशानी में सदैव उनके साथ है।
जारी रहा अभिभावकों का प्रदर्शन
मीटिंग और पत्रकारवार्ता से इतर अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों का सुभाष चौक पर क्रमिक अनशन 15वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जयभगवान, प्रवीण, कमल और सतीश क्रमिक अनशन पर बैठे। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्र अभिभावक संघ के प्रधान विमल किशोर ने कहा कि एसडीएम ने दो दिन पहले ही बैठक ली थी। बैठक में निजी स्कूल संचालकों की ओर से कोई नहीं आया। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी को जल्द से जल्द दाखिला दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग कुछ नहीं कर पाया है। विमल किशोर ने कहा कि जो स्कूल संचालक हम लोगों को शरारती तत्व कहते राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, वे पहले ये बताएं कि उन्होंने करोड़ों की संपत्ति कैसे बनाई। स्कूल खोलकर समाज को लूट कर उन्होंने करोड़ों रुपये कमाए हैं। इस मौके पर सुमित देवडू ने कहा कि संगठन के लोगों पर राजनीति का आरोप लगाने वाले स्वयं राजनीतिक लोगों के साथ गठजोड़ किए हुए हैं। इसीलिये तो हर सुख-दुख में पहुंचने वाले नेता बच्चों के भविष्य पर मौन हैं। इस मौके पर अशोक, अनिल लाम्बा, कविता, सोनू बतरा, पूजा मदान, राजीव वर्मा, पंकज त्यागी, जसमेर सिंह, दिलराज दहिया, पुनीत, यशपाल, कन्हैया, प्रेम चौहान, मोनिका, मोहन नासा, मांगे राम, पंकज त्यागी, राजीव वर्मा, सतबीर वर्मा आदि मौजूद रहे। वहीं कुछ अभिभावक बुधवार को डीईओ कार्यालय भी पहुंचे। दो दिन पहले एसडीएम के आश्वासन के बाद ही अभिभावक डीईओ कार्यालय पहुंचे थे। हालंाकि यहां से अभिभावक वापस लौट गए।
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फोटो 12. पत्रकारवार्ता में बोलते हुए बिजेंद्र मान साथ है अजमेर सिंह और धर्मप्रकाश एवं अन्य।
फोटो 27. डीईओ कार्यालय में पहुंचे अभिभावक।
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दूसरी ओर अभिभावकों का क्रमिक अनशन 15वें दिन भी जारी रहा। कुछ अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिये डीईओ कार्यालय भी पहुंचे। इस बीच जब उनसे बच्चों के प्रवेश संबंधी बात के बाबत पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गुरुवार को अगर प्रवेश मिल जाता है तो वे अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। गौरतलब है कि लगभग एक माह पहले पहली और दूसरी कक्षा के नियम 134-ए के तहत निकाले गए ड्रा के बाद से बच्चों के दाखिलों पर विवाद बढ़ा है। वहीं जिन 22 बच्चों के दाखिले की बात स्कूल संचालकों ने मानी है, उनकी लिस्ट अभिभावकों द्वारा एक सप्ताह पहले सौंपी गई थी।
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गरीबों को दाखिला देंगे तो अन्य बच्चों पर बोझ पड़ेगा ही
हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र मान की अध्यक्षता में निजी स्कूल संचालकों ने सेक्टर-14 स्थित जानकीदास कपूर स्कूल में पत्रकार वार्ता की। इसमें बिजेंद्र मान ने घोषणा की स्कूल सिर्फ पहली कक्षा में ही बीपीएल कार्ड धारक बच्चों को नियम 134-ए के तहत दाखिला देंगे। मान ने बताया कि नियमों के तहत यह ही प्रावधान है और स्कूल संचालक इसी पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि सरकार इन 10 प्रतिशत बच्चों का खर्चा वहन नहीं कर रही। ऐसे में स्कूल को मजबूरन बाकी 90 प्रतिशत पर इन बच्चों को बोझ डालना होगा। इससे और अधिक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। वैसे भी निजी स्कूल संचालक अपने स्तर पर उन गरीब बच्चों को दाखिला दे देते हैं, जिनको वास्तव में जरूरत है। मान ने बताया कि नियमों में साफ तौर पर लिखा गया है कि 134 ए के तहत गरीब, कमजोर तथा मेधावी बच्चों को दाखिला देना है। इन बच्चों से फीस सरकारी स्कूलों की फीस के बराबर फीस लेनी है। ये फीस सिर्फ ट्यूशन फीस की बात है, इसके अलावा स्कूल की अन्य कई तरह की फीस होती है, उस पर कटौती का कोई नियम नहीं है।
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आरटीई की वकालत
पत्रकार वार्ता में मान ने नियम 134 ए की अपेक्षा आरटीई की वकालत की। उन्होंने बताया कि आरटीई में गरीब बच्चों की पढ़ाई, वर्दी, किताबें, कापी आदि सभी चीजें मुफ्त हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार केंद्र द्वारा आए इसके बजट को डकार कर प्रदेश में नियम 134 लागू करवाने की कोशिश में हैं। ताकि सरकार स्वयं को गरीब के समर्थन में दिखा सके। सरकार को आरटीई लागू करवाना चाहिए न कि 134 ए।
राजनीति चमकाने के लिए हो रहा विरोध
पत्रकार वार्ता जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिये ही जानबूझ कर अभिभावकों को भड़का रहे हैं। कई अभिभावक ऐसे हैं जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं, इसके बावजूद वे धरने पर बच्चों सहित बैठते हैं। पत्रकारवार्ता में आशीष आर्या, राजेंद्र गाहल्याण, आदित्य रोहिला, वीरेंद्र बंसल, प्रो. सोमनाथ वर्मा, धर्म प्रकाश आर्या समेत अन्य कई स्कूलों के संचालक भी मौजूद रहे।
डीईओ के साथ बैठक में कबूले 22 दाखिले
पत्रकार के बाद निजी स्कूल संचालकों की डीसी कार्यालय में डीईओ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला के विभिन्न स्कूलों के प्रबंधकों के साथ लंबी बातचीत के बाद ड्रॉ के अनुसार लंबित पहली तथा दूसरी कक्षा के 22 दाखिलों की बात अदालत के मामले के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के लिए स्कूल प्रबंधकों द्वारा मान ली गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों के अभिभावकों का आह्वान किया है कि वे संबंधित दाखिलों के संबंध में शपथ पत्र देते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह शपथ पत्र सही हो। जांच में यदि कमी मिलती है कि तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्कूल एसोसिएशन के राज्य प्रधान एडवोकेट बिजेंद्र मान, स्परिंग बर्ड स्कूल के प्रबंधक प्रो. सोमनाथ वर्मा, शिवा स्कूल के प्रबंधक वीरेंद्र बंसल आदि उपस्थित रहे।
6 सदस्यों की कमेटी का गठन
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उपायुक्त द्वारा बच्चों के दाखिले से संबंधित समस्याओं को निपटारा करने के लिए 6 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एसडीएम सोनीपत के अधीन जिला शिक्षा अधिकारी एवं स्कूल संस्थाओं की ओर से अजमेर सिंह शिव मार्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोनीपत, आशीष आर्या लिटल एंजिल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल सोनीपत, राजेन्द्र गाहल्याण इंडियन मार्डन पब्लिक स्कूल सोनीपत, आदित्य रोहिल्ला विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोनीपत, धर्म प्रकाश आर्या प्रताप सीनियर सेकेण्डरी स्कूल खरखौदा को सम्मलित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने दाखिलों से संबंधित सभी अभिभावकों का आह्वान किया है कि वे जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपने किसी प्रकार की भ्रांति को दूर करने के लिए सीधे तौर पर गठित कमेटी में अपना मामला रखें। किसी भी बिचौलिये के बहकावे में आकर कोई ऐसा कार्य न करें जो कानूनी तौर पर गलत हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अभिभावकों की किसी भी प्रकार की परेशानी में सदैव उनके साथ है।
जारी रहा अभिभावकों का प्रदर्शन
मीटिंग और पत्रकारवार्ता से इतर अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों का सुभाष चौक पर क्रमिक अनशन 15वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जयभगवान, प्रवीण, कमल और सतीश क्रमिक अनशन पर बैठे। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्र अभिभावक संघ के प्रधान विमल किशोर ने कहा कि एसडीएम ने दो दिन पहले ही बैठक ली थी। बैठक में निजी स्कूल संचालकों की ओर से कोई नहीं आया। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी को जल्द से जल्द दाखिला दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग कुछ नहीं कर पाया है। विमल किशोर ने कहा कि जो स्कूल संचालक हम लोगों को शरारती तत्व कहते राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, वे पहले ये बताएं कि उन्होंने करोड़ों की संपत्ति कैसे बनाई। स्कूल खोलकर समाज को लूट कर उन्होंने करोड़ों रुपये कमाए हैं। इस मौके पर सुमित देवडू ने कहा कि संगठन के लोगों पर राजनीति का आरोप लगाने वाले स्वयं राजनीतिक लोगों के साथ गठजोड़ किए हुए हैं। इसीलिये तो हर सुख-दुख में पहुंचने वाले नेता बच्चों के भविष्य पर मौन हैं। इस मौके पर अशोक, अनिल लाम्बा, कविता, सोनू बतरा, पूजा मदान, राजीव वर्मा, पंकज त्यागी, जसमेर सिंह, दिलराज दहिया, पुनीत, यशपाल, कन्हैया, प्रेम चौहान, मोनिका, मोहन नासा, मांगे राम, पंकज त्यागी, राजीव वर्मा, सतबीर वर्मा आदि मौजूद रहे। वहीं कुछ अभिभावक बुधवार को डीईओ कार्यालय भी पहुंचे। दो दिन पहले एसडीएम के आश्वासन के बाद ही अभिभावक डीईओ कार्यालय पहुंचे थे। हालंाकि यहां से अभिभावक वापस लौट गए।
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फोटो 12. पत्रकारवार्ता में बोलते हुए बिजेंद्र मान साथ है अजमेर सिंह और धर्मप्रकाश एवं अन्य।
फोटो 27. डीईओ कार्यालय में पहुंचे अभिभावक।