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फिर बेनकाब पाकिस्तान

Wed, 05 Aug 2015 08:35 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Wed, 05 Aug 2015 08:35 PM IST
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again expose Pakistan

जम्मू में उधमपुर के पास सीमा सुरक्षा बल के काफिले पर हमला करने वाले आतंकवादियों में से एक की गिरफ्तारी बड़ी रणनीतिक सफलता इस अर्थ में है, क्योंकि इससे एक बार फिर यह सच दुनिया के सामने आया है कि सुनियोजित आतंकी हमलों के जरिये भारत को निरंतर निशाना बनाने के पीछे पाकिस्तान ही है।

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उधमपुर के पास जिन ग्रामीणों ने इस आतंकी को जिंदा पकड़ा, उनकी सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि इससे आतंकवाद की साजिश को समझने और उसके खिलाफ अभियान चलाने में भी मदद मिलेगी। इस आतंकवादी से जुड़े कई तथ्यों की पुष्टि होनी हालांकि अभी शेष है, पर पूछताछ के दौरान उसने खुद को फैसलाबाद का रहने वाला बताया है, जिस पर संशय नहीं होना चाहिए।
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पाकिस्तानी आतंकवादी को जीवित पकड़ने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमलों के दौरान अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था। हाल ही में पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के पूर्व महानिदेशक तारिक खोसा ने एक दुस्साहसी लेख में यह स्वीकार कर, कि मुंबई हमले को पाकिस्तान की जमीन से संचालित किया गया था, पाक सत्ता प्रतिष्ठान के चेहरे से नकाब उतार दिया है। उसके बाद का यह घटनाक्रम इस्लामाबाद के लिए एक और बड़े झटके की तरह है, भले वह सार्वजनिक तौर पर इस सच्चाई को स्वीकार न करे।
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यह घटनाक्रम दो मुद्दों पर हमें तैयार होने के लिए प्रेरित करता है। एक तो यह समझने की जरूरत है कि आतंकवादी अब उन इलाकों को निशाना बना रहे हैं, जो अपेक्षाकृत शांत माने जाते हैं। पंजाब में गुरदासपुर के बाद उन्होंने उस उधमपुर को निशाना बनाया है, जो लंबे समय से आतंकी हमलों से मुक्त था। ऐसे में, हमें अपनी सुरक्षा तैयारी में इसका खास ध्यान रखना चाहिए, स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए तो और भी।


दूसरे, इस घटनाक्रम के बाद इसी महीने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की होने वाली बैठक में हमें पाकिस्तान को याद दिलाना चाहिए कि उफा में उसने आतंकवाद के खिलाफ जो प्रतिबद्धता जताई थी, उसका आचरण इसके ठीक विपरीत है। यही नहीं, उसे यह साफ-साफ बताना होगा कि आतंकवाद पर उसका यह दोहरापन भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।

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