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ऐश्वर्या कह देतीं कि मैं बच्ची को गाय का दूध पिलाती हूं तो बच जाती कई गायें
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
Updated Sun, 28 Dec 2014 03:05 AM IST
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यदि ऐश्वर्या राय कह देती कि मैं अपनी बच्ची को गाय का दूध और घी खिलाती हूं तो शायद कई गायें बच जाती।
अमिताभ बच्चन अपनी बहू ऐश्वर्या के लिए जहां से सिंदूर लेकर आए थे, इसके बाद महिलाओं ने वहीं से सिंदूर मंगवाना शुरू कर दिया। यदि गाय के उत्पादों की भी मार्केटिंग की जाए तो नतीजे अच्छी ही आएंगे। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों को एक कारोबार की तरह मार्केटिंग का मंत्र दिया। वे यहां रोहतक के एग्रो मॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। मंत्री यहां खेतों में काम करते वक्त हादसे का शिकार हुए किसानों को आर्थिक सहायता का चेक देने पहुंचे थे।
हमारे बच्चे दूसरों का माल बेच रहे हैं, लेकिन अपना नहीं
कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि हमारे बच्चे पेंट शर्ट पहन कर मोबाइल कंपनियों की सिम बेच रहे हैं। बीमा कंपनियों की पॉलिसी बेच रहे हैं, लेकिन अपना माल नहीं बेचते। किसानों को भी अपना माल बेचना होगा। हमें फसल उगाने के बाद फेंकना आता है, लेकिन बेचना नहीं। मंडी में यदि माल नहीं बिका तो आढ़तियों केभरोसे छोड़कर चले जाते हैं। हम गाय को मां कहते हैं, लेकिन मुझे ऐसे बेटे की तलाश है जो गाय के दूध से बने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सके।
गौशालाओं में नहीं होगी गायों की रक्षा, गौ अभ्यारण बनाया जाए
गौरक्षा के मुद्दे पर कृषि मंत्री ने कहा कि गायों की रक्षा गौशालाओं में नहीं हो सकती। गायों की रक्षा घरों में ही हो सकती है। जो गाय घर में रहने लायक नहीं है, उन्हें ही गौशाला में रखा जाना चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौ-अभ्यारण बनाया जाएगा। इस अभ्यारण में केवल लावारिस गायों को ही रखा जाएगा। ऐसी गाय जो घरों में पालने लायक नहीं होंगी।
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6 जनवरी को होगा सम्मेलन
मंत्री ने कहा कि गौ-संरक्षण पर कानून बनाने के लिए 6 जनवरी को एक कार्यक्रम होगा। इसमें गौरक्षा और संरक्षण से जुड़े सभी संगठनों को बुलाया गया है। सभी से सुझाव लिए जाएंगे कि किस तरह गायों को बचाया जाए और गाय के दूध से बनने वाले प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाई जाए। यह सम्मेलन एमडीयू में होगा।
सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ना होगा
किसानों को अब सीधा उपभोक्ता तक पहुंचना होगा। जब तक किसान बीच के सिस्टम को समाप्त नहीं करेगा, तब तक उसे वांछित लाभ नहीं मिलेगा। किसानों को इस संकोच से ऊपर उठना होगा कि वे अपना माल सीधे कैसे बेचे? किसानों को न केवल मार्केटिंग के तरीके सीखने होंगे, बल्कि उन्हें मैनेजमेंट भी सीखना होगा।
दिल्ली में हो हरियाणा फ्रेश काउंटर
कृषि मंत्री ने कहा कि मेरा सपना है कि दिल्ली के हर बाजार में हरियाणा फ्रेश की दुकानें हों। केवल हरियाणा ही है जो दिल्ली तक ताजी सब्जियां दोनों वक्त पहुंचा सकता है। वर्तमान में 93 प्रतिशत भूमि में कृ षि और 7 प्रतिशत में बागवानी की जाती है। किसानों को गेहूं, चावल व गन्ने के स्थान पर अब सब्जी, फूल व फल की खेती करनी होगी।
हर खेत को मिलेगा पानी
मंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी पहुंचाना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। मेरा सपना है कि हर खेत को पानी मिले। पांच वर्षों में यह सपना पूरा करूंगा। फरवरी में गुड़गांव में एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट होगी।
नहीं है खाद की कमी
खाद की कमी पर मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने काम शुरू किया था, उस वक्त भंडार में साढे़ 10 लाख मीट्रिक टन खाद थी। प्रदेश में खाद की कमी नहीं है। प्रदेश के 8 हजार प्वाइंट्स से खाद का वितरण किया जा रहा है। यदि इनमें से पांच प्वांइट पर कोई कमी हुई हो तो वह मानी जा सकती है। इस समय जो खाद-बीज आ रहे हैं, उसकी प्लानिंग 6 माह पहले ही होती है। यानी पिछली सरकार का है यह खाद। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के बयान पर कहा कि पूर्व सीएम यह कह रहे हैं कि अक्टूबर में ही सारी खाद आ गई थी। मेरा कहना है वे यह भी तो बताएं कि कितनी खाद आई थी। खाद की कमी पर प्रदर्शन पर उनका कहना था कि हमारे पास एक एकड़ के लिए तीन कट्टे खाद है, जबकि जरूरत ढाई कट्टे की ही होती है। 35 लाख लोग यदि एक ही दिन खाद खरीदने आएंगे तो दिक्कत तो होगी है। किसान जनवरी का खाद दिसंबर में ही न खरीदें। समय-समय पर खरीदें।
एग्रोमॉल बना दिया, लेकिन आत्मा नहीं है।
खाली पड़े करोड़ों की लागत से बने एग्रोमॉल के बारे में कृषि मंत्री ने कहा, यह भवन अच्छा है, लेकिन इसकी आत्मा नहीं है। भवन खाली पड़ा है यह मेरी ही नहीं सबकी चुनौती रही होगी। इसकी आमदनी का उपयोग किसानों के लिए ही किया जाएगा। इसलिए इसके लिए आत्मा बनानी होगी। फसल दुर्घटना योजना ठीक हुई है, लेकिन इसे और बेहतर करना होगा।
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अमिताभ बच्चन अपनी बहू ऐश्वर्या के लिए जहां से सिंदूर लेकर आए थे, इसके बाद महिलाओं ने वहीं से सिंदूर मंगवाना शुरू कर दिया। यदि गाय के उत्पादों की भी मार्केटिंग की जाए तो नतीजे अच्छी ही आएंगे। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों को एक कारोबार की तरह मार्केटिंग का मंत्र दिया। वे यहां रोहतक के एग्रो मॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। मंत्री यहां खेतों में काम करते वक्त हादसे का शिकार हुए किसानों को आर्थिक सहायता का चेक देने पहुंचे थे।
हमारे बच्चे दूसरों का माल बेच रहे हैं, लेकिन अपना नहीं
कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि हमारे बच्चे पेंट शर्ट पहन कर मोबाइल कंपनियों की सिम बेच रहे हैं। बीमा कंपनियों की पॉलिसी बेच रहे हैं, लेकिन अपना माल नहीं बेचते। किसानों को भी अपना माल बेचना होगा। हमें फसल उगाने के बाद फेंकना आता है, लेकिन बेचना नहीं। मंडी में यदि माल नहीं बिका तो आढ़तियों केभरोसे छोड़कर चले जाते हैं। हम गाय को मां कहते हैं, लेकिन मुझे ऐसे बेटे की तलाश है जो गाय के दूध से बने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सके।
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गौशालाओं में नहीं होगी गायों की रक्षा, गौ अभ्यारण बनाया जाए
गौरक्षा के मुद्दे पर कृषि मंत्री ने कहा कि गायों की रक्षा गौशालाओं में नहीं हो सकती। गायों की रक्षा घरों में ही हो सकती है। जो गाय घर में रहने लायक नहीं है, उन्हें ही गौशाला में रखा जाना चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौ-अभ्यारण बनाया जाएगा। इस अभ्यारण में केवल लावारिस गायों को ही रखा जाएगा। ऐसी गाय जो घरों में पालने लायक नहीं होंगी।
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6 जनवरी को होगा सम्मेलन
मंत्री ने कहा कि गौ-संरक्षण पर कानून बनाने के लिए 6 जनवरी को एक कार्यक्रम होगा। इसमें गौरक्षा और संरक्षण से जुड़े सभी संगठनों को बुलाया गया है। सभी से सुझाव लिए जाएंगे कि किस तरह गायों को बचाया जाए और गाय के दूध से बनने वाले प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाई जाए। यह सम्मेलन एमडीयू में होगा।
सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ना होगा
किसानों को अब सीधा उपभोक्ता तक पहुंचना होगा। जब तक किसान बीच के सिस्टम को समाप्त नहीं करेगा, तब तक उसे वांछित लाभ नहीं मिलेगा। किसानों को इस संकोच से ऊपर उठना होगा कि वे अपना माल सीधे कैसे बेचे? किसानों को न केवल मार्केटिंग के तरीके सीखने होंगे, बल्कि उन्हें मैनेजमेंट भी सीखना होगा।
दिल्ली में हो हरियाणा फ्रेश काउंटर
कृषि मंत्री ने कहा कि मेरा सपना है कि दिल्ली के हर बाजार में हरियाणा फ्रेश की दुकानें हों। केवल हरियाणा ही है जो दिल्ली तक ताजी सब्जियां दोनों वक्त पहुंचा सकता है। वर्तमान में 93 प्रतिशत भूमि में कृ षि और 7 प्रतिशत में बागवानी की जाती है। किसानों को गेहूं, चावल व गन्ने के स्थान पर अब सब्जी, फूल व फल की खेती करनी होगी।
हर खेत को मिलेगा पानी
मंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी पहुंचाना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। मेरा सपना है कि हर खेत को पानी मिले। पांच वर्षों में यह सपना पूरा करूंगा। फरवरी में गुड़गांव में एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट होगी।
नहीं है खाद की कमी
खाद की कमी पर मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने काम शुरू किया था, उस वक्त भंडार में साढे़ 10 लाख मीट्रिक टन खाद थी। प्रदेश में खाद की कमी नहीं है। प्रदेश के 8 हजार प्वाइंट्स से खाद का वितरण किया जा रहा है। यदि इनमें से पांच प्वांइट पर कोई कमी हुई हो तो वह मानी जा सकती है। इस समय जो खाद-बीज आ रहे हैं, उसकी प्लानिंग 6 माह पहले ही होती है। यानी पिछली सरकार का है यह खाद। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के बयान पर कहा कि पूर्व सीएम यह कह रहे हैं कि अक्टूबर में ही सारी खाद आ गई थी। मेरा कहना है वे यह भी तो बताएं कि कितनी खाद आई थी। खाद की कमी पर प्रदर्शन पर उनका कहना था कि हमारे पास एक एकड़ के लिए तीन कट्टे खाद है, जबकि जरूरत ढाई कट्टे की ही होती है। 35 लाख लोग यदि एक ही दिन खाद खरीदने आएंगे तो दिक्कत तो होगी है। किसान जनवरी का खाद दिसंबर में ही न खरीदें। समय-समय पर खरीदें।
एग्रोमॉल बना दिया, लेकिन आत्मा नहीं है।
खाली पड़े करोड़ों की लागत से बने एग्रोमॉल के बारे में कृषि मंत्री ने कहा, यह भवन अच्छा है, लेकिन इसकी आत्मा नहीं है। भवन खाली पड़ा है यह मेरी ही नहीं सबकी चुनौती रही होगी। इसकी आमदनी का उपयोग किसानों के लिए ही किया जाएगा। इसलिए इसके लिए आत्मा बनानी होगी। फसल दुर्घटना योजना ठीक हुई है, लेकिन इसे और बेहतर करना होगा।