शौरी के बाद एक और बीजेपी नेता ने साधा मोदी पर निशाना
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भाजपा के अंदर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर शुरू हुआ अपनों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण शौरी के बाद अब उत्तर प्रदेश से सांसद रह चुके भानु प्रताप वर्मा ने प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर निशाना साधा है।
इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम पर एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र को उन्होंने मीडिया को भी भेजा है। हालांकि पत्र पर वर्मा की राय जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वर्मा ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मोदी और शाह के युग में संगठन में अपनेपन की बजाय कारपोरेट कार्य संस्कृति का समावेश हो गया है।
कुछ लोग खुद को पार्टी का भगवान समझ बैठे हैं। उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस में केवल एक मनमोहन हैं पर भाजपा नेतृत्व ने तो हम सबको मौन-मोहन कर दिया। क्या पार्टी और देश को केवल चार गुजराती (मोदी, शाह, अंबानी और अदाणी) चलाएंगे।
मोदी पर किया करारा प्रहार
लालकृष्ण आडवाणी और संजय जोशी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व दोहरा रवैया अपना रहा है। बंगलूरू कार्यसमिति की बैठक में आडवाणी को संबोधन का मौका न दिए जाने पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी को खड़ा और बड़ा करने में उनका अमूल्य योगदान है। उन्हें स्थापना दिवस कार्यक्रम में न बुलाना न्यायोचित नहीं है।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए वर्मा ने कहा कि, मसर्रत की रिहाई में मदद करते हैं, पाकिस्तान का झंडा लहराने और जिंदाबाद करने वाले गिलानी को रैली की अनुमति देते हैं, अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने वाले मुलायम सिंह यादव, आडवाणी के राम रथ यात्रा का रोकने वाले लालू यादव के साथ घंटों बैठते हैं, संजय जोशी सरीखे नेता का जन्मदिन मनाने वालों को फटकार लगाते हैं, ऐसे नेतृत्व को चुनकर हम अपराधबोध महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसके निराकरण के बारे में सोचने की अपील की।
आप गांधी के नाम पर ये नहीं कर सकते: शौरी
इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि मोदी, अमित शाह और अरुण जेटली की त्रिमूर्ति ही पार्टी को चला रही है। शौरी ने आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था से ठीक ढंग से नहीं निपट रहे हैं।
साथ ही पीएम ने दक्षिणपंथी गुटों की ओर से ईसाइयों और उनकी संस्थाओं पर हो रहे हमलों पर अपनी आंखें बंद कर ली है। शौरी ने कहा था कि, इसने विपक्ष को तो अपमानित किया ही है साथ ही बीजेपी के सदस्यों को भी डराया है।
आठ प्रतिशत विकास दर के सवाल पर उन्होंने कहा था कि, ये सब अतिश्योक्ति है, ऐसे दावे सुर्खियों में आने के लिए होते हैं, लेकिन इनमें कोई वास्तविकता नहीं। मोदी काल में अर्थव्यवस्था को दिशाहीन बताते हुए अरुण शौरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की कोई बड़ी तस्वीर नज़र नहीं आ रही है।
शौरी ने महंगाई कम करने, विदेशी निवेश को बढ़ाने और अन्य दावों को भी खारिज किया। उन्होंने मोदी की विवादित सूट पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि, ये उनकी बड़ी गलती थी, आप गांधी का नाम लेकर ऐसी चीजें नहीं पहन सकते।