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दिनदहाड़े बच्चे का अपहरण, पुलिस ने घेरा, ढाई घंटे में बरामद

Fri, 19 Sep 2014 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Fri, 19 Sep 2014 02:37 AM IST
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शहर के सेक्टर-4 में स्कूल वैन से उतरते ही एक मासूम का घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया।
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पुलिस ने ढाई घंटे मशक्कत और पीछा करने के बाद संदिग्ध कार को दिल्ली बाईपास पर घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में कूल्हे और जांघ में चार गोली लगने से घायल हुए अपहरणकर्ता को पुलिस ने दबोच लिया। कार की डिग्गी में बंद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

फायरिंग में डीएसपी समेत कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। आईजी अनिल राव और एसपी सौरभ सिंह भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। आरोपी झज्जर के गांव गुभाना माजरा निवासी जितेंद्र रोहतक की फ्रेंडस कॉलोनी में रहता है और बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम करता है।
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शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चे का अपहरण मोटी फिरौती मांगने के लिए किया गया।
यूं चला घटनाक्रम
बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजकर 12 मिनट पर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिली कि सेक्टर-4 में सरकारी ठेकेदार कपूर सिंह के साढ़े पांच साल के बेटे प्रथम का ढाई बजे उसके घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया है।
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अपहरणकर्ता सेंट्रो कार में हैं। बताया गया कि बच्चा स्कूल बस से उतरा ही था कि पहले से तैयार खड़े एक कार चालक ने उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने पूरी योजना के साथ सारे शहर की नाकाबंदी कर दी।

सूचना मिलते ही डीएसपी अनिल कुमार और डीएसपी यशपाल खटाना व सीआईए-1 प्रभारी मनोज कुमार समेत अन्य पुलिस टीमें तुरंत बच्चे के घर पहुंच गई। पिता कपूर सिंह सांपला गए हुए थे।

पुलिस जांच के बीच ही बच्चे की मां के मोबाइल पर अपहरणकर्ता की कॉल आई। लेकिन ठीक ढंग से पूरी बात नहीं हो पाई। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की तो पता चला कि आरोपी ने लाल टी शर्ट और नीली जींस पहन रखी है। पुलिस ने तुरंत कार का नंबर, आरोपी का हुलिया और कार की स्थिति वायरलेस पर फ्लैश कर दी।
दो घंटे तक छकाया पुलिस को
अपहरणकर्ता पूरी तेजी से शहर और बाहरी इलाके में बच्चे को ले पुलिस को गच्चा देकर दौड़ता रहा। पुलिस भी कार की लोकेशन का पता करते हुए उसके पीछे दौड़ती रही। शहर पुलिस की सारी टीम एएसपी, डीएसपी, एसएचओ, सीआईए स्टाफ और अन्य पुलिसकर्मियों को जो भी वाहन जहां मिला, वह उसी को लेकर दौड़ लिया।

पुलिस की टीमों को करीब दो घंटे तक दिल्ली-पानीपत रोड स्थित टोल प्लाजा, लाढोत रोड, सेक्टर-3, 4, अस्थल बोहर, दिल्ली रोड, झज्जर रोड से चक्कर कटवाता हुए दिल्ली बाईपास चौक पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे घेर लिया।
पुलिस को देख मारा कट तो फंसा
जैसे ही आरोपी दिल्ली बाईपास पर पहुंचा तो वहां चारों ओर से पुलिस की जिप्सियां और गाड़ियां आती दिखाई दी। इस पर उसने तुरंत गाड़ी को मेन रोड पर ही यू टर्न दे दिया। इसी बीच हड़बड़ाहट में उसकी कार सामने चल रहे रेत से भरे ट्रैक्टर में टकरा गई और साइड से सीआईए-1 के प्रभारी मनोज कुमार ने सेंट्रो गाड़ी और पीछे से एसएचओ अर्बन एस्टेट राजेंद्र सिंह के चालक जितेंद्र ने उसके पीछे अपनी जिप्सी से टक्कर मार दी। इसी दौरान डीएसपी खटाना और डीएसपी अनिल भी पहुंच गए। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को घिरा पाया तो उसने बाहर निकल कर सीधे फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। आरोपी को चार गोली लगी हैं। एक कूल्हे, दो घुटने में और एक टकने में। घायल हालत में युवक को काबू कर लिया गया और पीजीआई में दाखिल कराया गया।
10 से ज्यादा राउंड हुए फायर
पुलिस के अनुसार आरोपी को दबोचने के लिए जैसे ही पुलिस टीमों ने उसे घेरा तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व भी सीआईए-1 के अधिकारी ने उस पर गोली चलाई। इसी दौरान सीआईए वन की टीम के एसआई प्रवीण कुमार और एसएचओ अर्बन एस्टेट राजेंद्र सिंह और डीएसपी अनिल कुमार के गनमैन रवि कुमार ने तुरंत फायर खोल दिए। 10 से ज्यादा राउंड फायर हुए हैं।
बिल्डिंग मैटीरियल सप्लायर है आरोपी, गाड़ी भी उसी से टकराई
अपहरणकर्ता की पहचान झज्जर के गांव गुभाना माजरा निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है। आरोपी रोहतक की फ्रेंड्स कॉलोनी में बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम करता है। कमाल की बात तो ये है कि अपराध कर भागते समय भी उसकी गाड़ी रेत की भरी ट्राली से ही टकराई।  

कार में नहीं दिखा बच्चा, पर डिग्गी में मिला
चंद सेकंड में ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी को कब्जे में तो ले लिया, लेकिन कार में बच्चा नहीं दिखाई दिया। सब हैरान-परेशान हो बच्चे को तलाशने लगे। पुलिस अधिकारियों ने कार की डिग्गी खोली तो बच्चा कार के अंदर डिग्गी में बंद पड़ा मिला। तुरंत बच्चे को निकाला गया और सहलाते हुए डीएसपी अनिल कुमार ने उसे गोद में उठा लिया। सभी पुलिस अधिकारियों ने बच्चे को घेर लिया और खुशी के मारे सीने से लगा लिया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के चेहरे पर सफलता की मुस्कान साफ झलक रही थी। डीएसपी यशपाल खटाना सहित कुछ पुलिस कर्मचारियों को भी चोट आई है। आईजी अनिल राव और एसपी सौरभ सिंह भी मौके पर पहुंचे और पुलिस टीमों की हौसला अफजाई की। एफएसएल टीम को भी जांच के लिए पहुंची।
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