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इस बार क्यों ठिठकी मानसून एक्सप्रेस
विनीता वशिष्ठ
Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
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बंगाल की खाड़ी में समय से पहुंचने के बाद इस बार मानसूनी हवाएं रुक रुक कर बढ़ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों कह रहे हैं कि इस समय मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, कर्नाटक के हिस्सों को छूती निकल रही है। यानी दिल्ली अभी दूर है। मौसम वैज्ञानिकों को ये भी आशंका है कि उत्तर भारत तक पहुंचते मानसूनी हवाएं कमजोर भी हो सकती है।
अरब सागर ने बनाई है उम्मीद
यूं तो मानसून को एक सप्ताह लेट माना जा रहा है। लेकिन कमजोर मानसून का कोई जवाब वैज्ञानिकों के पास नहीं है। चूंकि अरब सागर में उथल-पुथल शुरू होने की संभावना है, जिससे वेग बढ़ने के चांस बन रहे हैं। मानसून हिमालय की तलहटी पर पहुंचा तो हिमालय से टकरा कर लौटने वाली हवाओं से ही बारिश होगी। इसी बारिश से उत्तरी राज्य सराबोर हो सकते हैं।
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अरब सागर ने बनाई है उम्मीद
यूं तो मानसून को एक सप्ताह लेट माना जा रहा है। लेकिन कमजोर मानसून का कोई जवाब वैज्ञानिकों के पास नहीं है। चूंकि अरब सागर में उथल-पुथल शुरू होने की संभावना है, जिससे वेग बढ़ने के चांस बन रहे हैं। मानसून हिमालय की तलहटी पर पहुंचा तो हिमालय से टकरा कर लौटने वाली हवाओं से ही बारिश होगी। इसी बारिश से उत्तरी राज्य सराबोर हो सकते हैं।
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