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प्रणब से क्यों नाराज हुए राजीव गांधी
विनीता वशिष्ठ
Updated Tue, 26 Jun 2012 12:00 PM IST
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प्रणब मुखर्जी को इंदिरा गांधी की मौत के बाद कांग्रेस छोड़नी पड़ी। जानकार कहते हैं कि इसके राजीव गांधी की नाराजगी छिपी थी। जब इंदिरा गांधी की मौत की सूचना मिली तो प्रणब मुखर्जी और राजीव गांधी पश्चिम बंगाल में ही थे। दोनों व्यक्ति कोलकाता से प्लेन द्वारा एक साथ दिल्ली लौटे। प्लेन में कुछ ऐसा वार्तालाप हुआ जिससे राजीव गांधी प्रणब से बेहद गुस्सा हो गए।
कहा जाता है कि तब प्रणब ने इंदिरा गांधी की मौत के बाद खाली हुआ पीएम पद तुरंत प्रभाव से भरने की बात की थी। प्रणब का कहना था कि पीएम जैसा संवैधानिक पद ज्यादा देर तक खाली नहीं रहना चाहिए। इसे तुरंत भरना होगा और इस पद के लिए व्यक्ति का चयन वरिष्ठता के आधार पर होना चाहिए। बस यही बात राजीव गांधी को चुभ गई। मातृ शोक में व्यथित राजीव इस बात को पचा नहीं पाए कि एक सहयोगी उनकी मां के गम को भूलकर सत्ता की बात कर रहा है। राजीव को लगा कि वरिष्ठिता के नाम पर प्रणब खुद पीएम बनना चाहते हैं। इसी नाराजगी के चलते राजीव गांधी ने अपनी सरकार में प्रणब को मंत्री पद नहीं दिया।
प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर शुभकामनाएं भेजें।
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कहा जाता है कि तब प्रणब ने इंदिरा गांधी की मौत के बाद खाली हुआ पीएम पद तुरंत प्रभाव से भरने की बात की थी। प्रणब का कहना था कि पीएम जैसा संवैधानिक पद ज्यादा देर तक खाली नहीं रहना चाहिए। इसे तुरंत भरना होगा और इस पद के लिए व्यक्ति का चयन वरिष्ठता के आधार पर होना चाहिए। बस यही बात राजीव गांधी को चुभ गई। मातृ शोक में व्यथित राजीव इस बात को पचा नहीं पाए कि एक सहयोगी उनकी मां के गम को भूलकर सत्ता की बात कर रहा है। राजीव को लगा कि वरिष्ठिता के नाम पर प्रणब खुद पीएम बनना चाहते हैं। इसी नाराजगी के चलते राजीव गांधी ने अपनी सरकार में प्रणब को मंत्री पद नहीं दिया।
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