विज्ञापन

पानी पीने से जवानी में बुढ़ापा

राकेश कुमार झा Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
water causes ageing
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अगर आप गर्मियों में कार और फ्लोर क्लीन करने के लिए सैकड़ों लीटर पानी बहा देते हैं तो उनके बारे में भी एक बार जरूर सोचिए जिन्हें आजादी के 63 साल बाद भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
विज्ञापन
देश के कई हिस्से ऐसे हैं जहां पानी के कारण जिन्दगी तबाह हो रही है। जल संसाधन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि अकेले मध्यप्रदेश के 2651 स्थानों पर फ्लोराईड की मात्रा और 261 स्थानों पर लवणता की मात्रा सामान्य से अधिक है। मध्यप्रदेश जैसी स्थिति बिहार और कर्नाटक में भी है।



लेकिन राजस्थान में पानी में मौजूद फ्लोराईड ने भयानक रूप धारण कर रख है। राजस्थान में फ्लोराइड की मात्रा 10 हजार से अधिक स्थानों पर पायी गई है। जबकि 20 हजार से अधिक स्थानों पर नाईट्रेट की मात्रा अधिक पायी गयी है। पानी में मौजूद इन अशुद्घियों के कारण राजस्थान का बांकापट्टी गांव कुबड़ों के गांव के नाम से जाना जाने लगा है।



बांकापट्टी और इसके आस-पास के कई गांवों की स्थिति इतनी बदतर है कि आप इसकी कल्पना तक नहीं कर सकते। यहां पानी में लगभग 3 हजार मिलीग्राम टीडीएस मौजूद है। इस पानी को पीने के कारण यहां के बच्चे कम उम्र में ही बूढ़े नजर आने लगते हैं। युवावस्था में ही कमर झुक जाती है और जोड़ों में दर्द के कारण लोग खाट पकड़ लेते हैं। इस जहरीले पानी को पीने के कारण असमय ही लोगों की मृत्यु हो जाती है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गर्भवती को जलाकर मार डाला, कोर्ट ने पति, सास-ससुर को सुनाई बड़ी सजा

दहेज के लिए गर्भवती को जलाकर हत्या करने के मामले में फर्रुखाबाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने पति, सास, ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहा है देश का भविष्य, सो रहा है सिस्टम

हिमाचल प्रदेश के पंचकुला में बाढ़ की वजह से नदियां उफान पर हैं। और नदियों के उफान के बीच कोटि गांव के स्कूल के छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर नदी को स्कूल जाने के लिए पार कर रहे हैं। क्योंकि उनके पास कोई और रास्ता नहीं है

25 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree