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निरूपा रॉय ने मां के स्वरूप को दिए नए आयाम
अनुराधा गोयल
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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निरूपा रॉय बॉलीवुड में ऐसी मां हैं जिन्हें मां के रूप में ही जाना जाता है। इन्होंने मां की इतनी भूमिकाएं अदा की हैं कि मां के संपूर्ण रूप को इनमें आसानी से देखा जा सकता है। चाहे फिर वह फिल्म 'दीवार' की वह मां हो जिसे लोग गांव से बाहर खदेड़ देते हैं या फिर फिल्म 'मर्द' की मां हो जो अपने बेटे को बचाने के लिए उसका त्याग तक कर देती हैं या फिर 'अमर अकबर एंथोनी' की मां हो जो अपने बच्चों के खोने की तड़प में उन्हें वापस पाने की चाह रखती है।
'मुकद्दर का सिकंदर', 'खून-पसीना', 'सुहाग', 'लाल बादशाह' निरूपा रॉय की ऐसी महत्वपूर्ण फिल्में हैं जिनमें उन्होंने न सिर्फ मां का किरदार दमदार रूप में निभाया बल्कि मां के विभिन्न रूपों को नए आयाम भी दिए।
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'मुकद्दर का सिकंदर', 'खून-पसीना', 'सुहाग', 'लाल बादशाह' निरूपा रॉय की ऐसी महत्वपूर्ण फिल्में हैं जिनमें उन्होंने न सिर्फ मां का किरदार दमदार रूप में निभाया बल्कि मां के विभिन्न रूपों को नए आयाम भी दिए।
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