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आने वाला समय ऑगरेनिक खेती का

Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
विनीता वशिष्ठ
विनीता वशिष्ठ Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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future time is organic farming
जिस तरह पर्यावरण के प्रति आम जनता में जागरुकता फैली है और जैविक उत्पादों से सेहत को फायदा पहुंचाने के तथ्य सामने आए हैं, उसे देखकर लगता है कि आने वाला व़क्त ऑगरेनिक खेती का ही है। देर से ही सही पर यह बात अब किसानों को समझ में आ गई है कि ऑरगेनिक खेती केवल जमीन ही नहीं उसकी और उसके ग्राहक की सेहत को अच्छा रखेगी। रासायनिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करने का नतीजा क्या होता है, यह किसान जान चुका है।
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विशेषज्ञों की राय
मुकेश गुप्ता (कार्यकारी अध्यक्ष, मोरारटा फाउंडेशन)
के मुताबिक जैविक खेती का लौटना भारत के किसान के लिए बहुत अच्छा मौका है। इससे देसी प्रजाति के बीज को नया जीवन मिलेगा और हर किसान क़ो फायदा होगा। गुप्ता ने कहा कि हालांकि जैविक खेती पहली और दूसरी फसल कम उत्पादन देती है लेकिन इसके बाद लागत कम होती जाती है और फसल ज्यादा।
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डा. जीएस कौशल (पूर्व कृषि संचालक, मप्र)
रासायनिक खेती ने धरती के नीचे के पानी को कम कर दिया है और ऐसे में जैविक खेती की ओर लौटना ही बुद्धिमानी है। किसान को फायदा हमारी प्राथमिकता है और अपनी जमीन को जिंदा रखना एक बड़ी चुनौती। इन दोनों ही कामों के लिए जैविक खेती सर्वोत्तम है।
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क्या आपको लगता है कि कम अन्न उपजाने के बावजूद ऑरगेनिक खेती किसान और जमीन के हित में है। क्या ऑरगेनिक खेती को बढ़ावा देने से किसान का भला होगा?
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