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15 लाख लौटाने के बजाय कर दी दोस्त की हत्या
Jind
Updated Mon, 19 May 2014 01:01 AM IST
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15 लाख रुपये लौटाने के बजाय दो युवकों ने मिलकर अपने ही दोस्त की हत्या कर शव काकड़ौद गांव के पास सिरसा ब्रांच नहर में फेंक दिया। शनिवार देर रात पुलिस ने हिसार जिले के संदलाना गांव के रजवाहे से शव बरामद किया। कॉल डिटेल के आधार पर पकड़े गए अलेवा निवासी विक्रम और छात्तर गांव निवासी अमित ने पुलिस के सामने हत्या का खुलासा किया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने बताया कि संदीप को दोनों ने उधारी लौटाने के बहाने, झांझ गांव के पोल्ट्री फार्म पर बुलाया था। 15 मई की रात को ही संदीप की हत्या कर काकड़ौद गांव के पास सिरसा ब्रांच नहर में फेंक दिया था।
मामले की शिकायत गायब युवक के भाई जितेंद्र ने 17 मई को अलेवा थाना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने संदीप का शव हिसार से बरामद किया। रविवार को पुलिस ने आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अलेवा निवासी संदीप उर्फ सोनू गांव के बस अड्डे पर मोबाइल शॉप चलाता था। गत 15 मई देर रात तक संदीप के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में तलाश की, लेकिन संदीप का कोई सुराग नहीं लगा। संदीप की दुकान का आधा शटर उठा हुआ था और बाइक भी दुकान के बाहर खड़ी थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर संदीप के लापता होने पर मामला दर्ज किया था।
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शनिवार को पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर गांव छात्तर निवासी अमित और अलेवा गांव निवासी विक्रम को हिरासत में लिया था। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि संदीप को विक्रम से लगभग 15 लाख रुपये लेने थे। उन्होंने गत 15 मई रात संदीप को गाड़ी भेज कर गांव झांझ खुर्द फार्म पर बुला लिया। आरोपी युवकों ने खुलासा किया किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से संदीप को कुछ देर इंतजार करने को कहा।
मारने से पहले आंखों में डाली मिर्च
पुलिस के अनुसार युवकों ने स्वीकारा कि संदीप को कोल्ड ड्रिंक देने के बाद विक्रम ने उसकी दोनों आंखों में मिर्च डाल दी और कुल्हाड़ी से गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी मार कर संदीप की हत्या कर दी। इसमें गांव छात्तर निवासी अमित ने उसका सहयोग किया। बाद में शव को पॉलीथिन में बांधकर बोरी में डाल दिया और गांव काकड़ौद के निकट सिरसा ब्रांच नहर में डाल दिया।
मौके पर पहुंचे डीएसपी
घटना की सूचना पाकर डीएसपी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शव को नहर में सर्च अभियान चलाया। बाद में शव हिसार जिले के गांव संदलाना के निकट नहर से बरामद किया गया। पुलिस ने मृतक के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ गोगल की शिकायत पर अमित और विक्रम के खिलाफ हत्या, अपहरण व शव को खुर्द-बुर्द करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
कॉल डिटेल से मिला आरोपियों का सुराग
अलेवा थाना प्रभारी कर्मबीर ने बताया कि पुलिस ने पहले मृतक के परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया था। बाद में जब कॉल डिटेल निकलवाई गई तो अमित और विक्रम के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों से जब पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की वारदात को कबूल लिया। पुलिस दोनों से हत्या में प्रयोग किए गए हथियार और गाड़ी के बारे में पूछताछ कर रही है।
पैसे के लिए उतारा मौत के घाट
गांव अलेवा निवासी संदीप और आरोपी विक्रम दोनों अच्छे दोस्त थे। दोस्ती के चलते ही संदीप की विक्रम के साथ पैसों का लेन-देन हो गया और लगभग 15 लाख रुपये विक्रम की तरफ देनदारी हो गई। संदीप ने विक्रम से पैसे लौटाने की बात कही। इसको लेकर 15 मई की शाम को विक्रम अपने दोस्त संदीप को गांव झांझ में स्थित पोल्ट्री फार्म में पांच लाख रुपये देने की बात कहकर साथ ले गया। जहां पर उसे बंधक बना लिया और उसकी गांव छात्तर निवासी अजीत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी।
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मामले की शिकायत गायब युवक के भाई जितेंद्र ने 17 मई को अलेवा थाना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने संदीप का शव हिसार से बरामद किया। रविवार को पुलिस ने आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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अलेवा निवासी संदीप उर्फ सोनू गांव के बस अड्डे पर मोबाइल शॉप चलाता था। गत 15 मई देर रात तक संदीप के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में तलाश की, लेकिन संदीप का कोई सुराग नहीं लगा। संदीप की दुकान का आधा शटर उठा हुआ था और बाइक भी दुकान के बाहर खड़ी थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर संदीप के लापता होने पर मामला दर्ज किया था।
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शनिवार को पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर गांव छात्तर निवासी अमित और अलेवा गांव निवासी विक्रम को हिरासत में लिया था। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि संदीप को विक्रम से लगभग 15 लाख रुपये लेने थे। उन्होंने गत 15 मई रात संदीप को गाड़ी भेज कर गांव झांझ खुर्द फार्म पर बुला लिया। आरोपी युवकों ने खुलासा किया किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से संदीप को कुछ देर इंतजार करने को कहा।
मारने से पहले आंखों में डाली मिर्च
पुलिस के अनुसार युवकों ने स्वीकारा कि संदीप को कोल्ड ड्रिंक देने के बाद विक्रम ने उसकी दोनों आंखों में मिर्च डाल दी और कुल्हाड़ी से गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी मार कर संदीप की हत्या कर दी। इसमें गांव छात्तर निवासी अमित ने उसका सहयोग किया। बाद में शव को पॉलीथिन में बांधकर बोरी में डाल दिया और गांव काकड़ौद के निकट सिरसा ब्रांच नहर में डाल दिया।
मौके पर पहुंचे डीएसपी
घटना की सूचना पाकर डीएसपी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शव को नहर में सर्च अभियान चलाया। बाद में शव हिसार जिले के गांव संदलाना के निकट नहर से बरामद किया गया। पुलिस ने मृतक के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ गोगल की शिकायत पर अमित और विक्रम के खिलाफ हत्या, अपहरण व शव को खुर्द-बुर्द करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
कॉल डिटेल से मिला आरोपियों का सुराग
अलेवा थाना प्रभारी कर्मबीर ने बताया कि पुलिस ने पहले मृतक के परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया था। बाद में जब कॉल डिटेल निकलवाई गई तो अमित और विक्रम के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों से जब पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की वारदात को कबूल लिया। पुलिस दोनों से हत्या में प्रयोग किए गए हथियार और गाड़ी के बारे में पूछताछ कर रही है।
पैसे के लिए उतारा मौत के घाट
गांव अलेवा निवासी संदीप और आरोपी विक्रम दोनों अच्छे दोस्त थे। दोस्ती के चलते ही संदीप की विक्रम के साथ पैसों का लेन-देन हो गया और लगभग 15 लाख रुपये विक्रम की तरफ देनदारी हो गई। संदीप ने विक्रम से पैसे लौटाने की बात कही। इसको लेकर 15 मई की शाम को विक्रम अपने दोस्त संदीप को गांव झांझ में स्थित पोल्ट्री फार्म में पांच लाख रुपये देने की बात कहकर साथ ले गया। जहां पर उसे बंधक बना लिया और उसकी गांव छात्तर निवासी अजीत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी।