{"_id":"11dd252e727dfdeab524b89a85c7360b","slug":"10-of-11-bullets-had-gone-beyond","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 में से 10 गोलियां हो गईं थी पार","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
11 में से 10 गोलियां हो गईं थी पार
bhiwani
Updated Fri, 09 May 2014 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
11 में से 10 गोलियां हो गईं थी पार
भिवानी। गांव पैंतावास खुर्द के जितेंद्र पर 11 फायर दागे गए हैं। इनमें से 10 गोलियां उसके शरीर से पार हो गईं थी। पोस्टमार्टम में एक ही गोली शरीर में मिली है। फायर पिस्टल से किया गया है और पुलिस को 9 एमएम के चार खोल मौके से मिले हैं। बुधवार रात दादरी के विमान पतन वाली गली में वारदात के बाद जितेंद्र का शव बाढड़ा थाना अंतर्गत गांव उमरवास बस स्टैंड के पास फेंक दिया था।
पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया। शाम करीब साढे़ पांच बजे शव का पोस्टमार्टम हुआ। जितेंद्र के एक गोली मुंह में एक बाजू पर, एक ठोड़ी के नीचे, एक बाएं कान के नीचे, एक जांघ, दो पिंडली पर, दो छाती के साइड वाले हिस्से में और एक दाईं आंख के नीचे लगी है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
योजनाबद्ध तरीके से की वारदात
जितेंद्र की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई। पहले उसे रुपये लेने के लिए फोन करके बुलाया गया। फिर घर के बाहर ही एक के बाद एक 11 गोलियां दाग दीं। शव को भी ठिकाने लगाने का पूरा प्लान रचा गया। यह खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। मगर यह साफ नहीं हो पाया कि हत्यारे शव को उमरवास गांव के बस स्टैंड के पास ही क्यों फेंक गए। कहीं जगह बदलना ही हत्यारों का उद्देश्य था या फिर रास्ते में कोई और बात हुई जिस कारण हत्यारे जीतपुर गांव के पास ही शव को फेंक गए।
विज्ञापन
भिवानी। गांव पैंतावास खुर्द के जितेंद्र पर 11 फायर दागे गए हैं। इनमें से 10 गोलियां उसके शरीर से पार हो गईं थी। पोस्टमार्टम में एक ही गोली शरीर में मिली है। फायर पिस्टल से किया गया है और पुलिस को 9 एमएम के चार खोल मौके से मिले हैं। बुधवार रात दादरी के विमान पतन वाली गली में वारदात के बाद जितेंद्र का शव बाढड़ा थाना अंतर्गत गांव उमरवास बस स्टैंड के पास फेंक दिया था।
पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया। शाम करीब साढे़ पांच बजे शव का पोस्टमार्टम हुआ। जितेंद्र के एक गोली मुंह में एक बाजू पर, एक ठोड़ी के नीचे, एक बाएं कान के नीचे, एक जांघ, दो पिंडली पर, दो छाती के साइड वाले हिस्से में और एक दाईं आंख के नीचे लगी है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
योजनाबद्ध तरीके से की वारदात
जितेंद्र की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई। पहले उसे रुपये लेने के लिए फोन करके बुलाया गया। फिर घर के बाहर ही एक के बाद एक 11 गोलियां दाग दीं। शव को भी ठिकाने लगाने का पूरा प्लान रचा गया। यह खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। मगर यह साफ नहीं हो पाया कि हत्यारे शव को उमरवास गांव के बस स्टैंड के पास ही क्यों फेंक गए। कहीं जगह बदलना ही हत्यारों का उद्देश्य था या फिर रास्ते में कोई और बात हुई जिस कारण हत्यारे जीतपुर गांव के पास ही शव को फेंक गए।