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अवसाद से उबरने के लिए नई दवा
वाशिंगटन/आईएएनएस
Updated Fri, 14 Dec 2012 12:25 PM IST
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शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक ऐसी दवा की खोज की है, जो बगैर किसी नकारात्मक प्रभाव के अवसाद से उबारने में मददगार है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआइएच) के परीक्षण में एजेडडी-6765 बगैर किसी दुष्प्रभाव के अवसाद से उबारने में मददगार साबित हुई है।
आमतौर पर चिकित्सक अवसाद से उबारने के लिए जो दवा लिखते हैं वह मस्तिष्क की सेरोटोनिन प्रणाली पर असर करने में लंबा समय लेती हैं, जिस वजह से अक्सर रोगी आत्महत्या भी कर लेते हैं। केटामिन का हालांकि असर कुछ घंटों में ही दिखने लगता है लेकिन इसके प्रयोग से दुष्प्रभाव होते हैं।
विज्ञान पत्रिका 'बायोलॉजिकल साइकेट्री' की रपट के अनुसार एनआईएच के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के कार्लोस जराटे ने कहा, "हमारी खोज उस अवधारणा को सही साबित करती है, जिसके तहत हम अवसाद के सुरक्षित और तेज इलाज की नई पीढ़ी का विकास कर सकते हैं।"
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एनआइएच के बयान के अनुसार एजेडडी-6765 भी केटामिन की तरह ही काम करती हैं। यह केटामिन की तुलना में शरीर में एनएमडीए रिसेप्टर को कम शक्तिशाली तरीके से अवरूद्ध करती है और यही कारण है कि यह केटामिन से बेहतर है।
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आमतौर पर चिकित्सक अवसाद से उबारने के लिए जो दवा लिखते हैं वह मस्तिष्क की सेरोटोनिन प्रणाली पर असर करने में लंबा समय लेती हैं, जिस वजह से अक्सर रोगी आत्महत्या भी कर लेते हैं। केटामिन का हालांकि असर कुछ घंटों में ही दिखने लगता है लेकिन इसके प्रयोग से दुष्प्रभाव होते हैं।
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विज्ञान पत्रिका 'बायोलॉजिकल साइकेट्री' की रपट के अनुसार एनआईएच के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के कार्लोस जराटे ने कहा, "हमारी खोज उस अवधारणा को सही साबित करती है, जिसके तहत हम अवसाद के सुरक्षित और तेज इलाज की नई पीढ़ी का विकास कर सकते हैं।"
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एनआइएच के बयान के अनुसार एजेडडी-6765 भी केटामिन की तरह ही काम करती हैं। यह केटामिन की तुलना में शरीर में एनएमडीए रिसेप्टर को कम शक्तिशाली तरीके से अवरूद्ध करती है और यही कारण है कि यह केटामिन से बेहतर है।