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पहली नजर में प्यार, क्या वाकई होता है?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 18 Feb 2014 01:16 PM IST
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पहली नजर में ही प्यार हो जाना, अक्सर किताबों और फिल्में में होने वाले ऐसे प्यार को हर कोई पाना चाहता होगा। हाल में हुए एक शोध में इससे जुड़े कुछ मजेदार पहलू सामने आए हैं।
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यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागों के शोध की मानें तो पहली नजर में प्यार जैसा कुछ होता ही नहीं है क्योंकि हमें किसी के प्रति आकर्षित कब और कितना होता है यह हमारा दिमाग का एक विशेष हिस्सा तय करता है।
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शोधकर्ताओं के अनुसार, दिमाग में एंटीरियर इन्सुला नामक हिस्सा है जो हमारे मन में आकर्षण और प्यार के भाव को नियंत्रित करता है।
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शोधकर्ताओं ने इस शोध में माना कि अमूमन पहली बार किसी को देखकर हम सिर्फ उसके शरीर के प्रति आकर्षित होते हैं क्योंकि उसके प्रेम में पड़ने के लिए एंटीरियर इन्सुला को समय लगता है। यही वजह है कि हम बहुत अधिक किसी के बारे में सोचकर उससे प्रेम करने लगते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी माना कि प्रेम करने में व्यक्ति जितना अधिक सोचता-विचारता है, उसका प्रेम उतना अधिक लंबा चलता है।
यह शोध करेंट ट्रेंड्स इन न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है।