जुकरबर्ग ने दी सफाई, दूसरे हमलों पर क्यों चुप रहा फेसबुक
बीते शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस आतंकी हमलों से दहल गई। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। इस मुसीबत की घड़ी में सरकार ही नहीं, बल्कि कई टेक कंपनियों ने भी मदद की भरसक कोशिशें कीं।
लोगों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाने वाली कंपनियों में ही एक नाम है 'फेसबुक'। फेसबुक ने इस हमले के बाद एक सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट किया, जिसके जरिए लोग अपने परिजनों को यह बता सकें कि वे सुरक्षित हैं।
हालांकि, फेसबुक की तरफ से बढ़ा मदद का ये हाथ आलोचनाओं में घिर गया। सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से तीखी टिप्पणियां आने लगीं कि फेसबुक ने पेरिस हमले में के लिए सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट किया, लेकिन अन्य घटनाओं के लिए क्यों नहीं?
लोगों का कहना था कि कुछ दिन पहले ही बेरुत में हुई बमबारी और उससे पहले केन्यान यूनिवर्सिटी में हुए कत्लेआम के बाद फेसबुक से सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट क्यों नहीं किया?
खुद मार्क जुकरबर्ग ने दिया जवाब
लोगों की तरफ से आलोचनाओं में घिरने के बाद खुद मार्क जुकरबर्ग ने इस परिस्थिति में जवाब देने का बीड़ा उठाया। मार्क जुकरबर्ग ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा कि पेरिस हमले से एक दिन पहले ही सेफ्टी चेक फीचर की पॉलिसी बदली गई है।
उनके अनुसार, इससे पहले सेफ्टी चेक फीचर सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं के समय एक्टिवेट किया गया था, जबकि पॉलिसी में बदलाव के बाद अन्य आपदाओं जैसे बड़े हमलों आदि के लिए भी इस फीचर को एक्टिवेट किया जाना सुनिश्चित किया है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि आपका कहना सही है कि दुनिया में और भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। वे बोले कि हम सभी लोगों का बराबर ख्याल रखते हैं और आगे भी इस तरह की किसी आपदा में पीड़ितों की पूरी मदद करेंगे।