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जुबिन मेहता की धुनों पर झूमा कश्मीर
एजेंसी/श्रीनगर
Updated Sun, 08 Sep 2013 12:03 AM IST
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कश्मीर में जबरवान पहाड़ियों की खूबसूरत वादियों में शनिवार शाम मधुर संगीत की ब्यार बही। डल झील के किनारे दुनिया के जाने माने म्यूजिक कंडक्टर जुबिन मेहता की धुनों ने ऐसा जादू बिखेर दिया कि शालीमार बाग में जुटे 1500 श्रोता झूम उठे।
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खूबसूरत चिनारों के बीच 400 साल पुराने इस मुगल बगीचे में मेहता और उनके ऑर्केस्ट्रा ने वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक की कुछ बेहद लोकप्रिय धुनें छेड़ीं। एहसास-ए-कश्मीर कंसर्ट मेहता के ऑर्केस्ट्रा और अभय सोपोरी के ट्रूप के पारंपरिक कश्मीरी वाद्य यंत्रों की तानों से शुरू हुआ।
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अंत में कश्मीरी लोक संगीत और वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक के बेजोड़ फ्यूजन ने श्रोताओं को अभिभूत कर दिया। इस हाई प्रोफाइल कंसर्ट का लाइव एचडी प्रसारण दूरदर्शन पर किया गया, जिसे देश के अलावा 50 यूरोपीय देशों में भी लाखों लोगों ने देखा।
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कंसर्ट का आयोजन करने वाले भारत में जर्मनी के राजदूत माइकल स्टीनर ने कहा कि आज संगीत के इस मिलन के बाद म्यूनिख और श्रीनगर के बीच की दूरी खत्म हो गई है।
मेहमानों में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला, भाजपा नेता जसवंत सिंह भी मौजूद थे।
मालूम हो कि अलगाववादियों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने इस कंसर्ट का भारी विरोध किया था, जिसके चलते इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
'आज मैं बहुत खुश हूं'
आज मैं बहुत खुश हूं। मैंने इस पल का पूरी जिंदगी इंतजार किया। सभी लोग सहमत होंगे कि यह कंसर्ट यहीं होना चाहिए था। मेरा वादा है कि अगला कंसर्ट स्टेडियम में कराया जाएगा, जो सभी कश्मीरियों के लिए मुफ्त होगा क्योंकि संगीत सबके लिए होना चाहिए न कि कुछ लोगों के लिए।
जुबिन मेहता
'मुझे उम्मीद है कि यहां गूंजे संगीत से हमारा मनोबल ऊंचा होगा। हमें यहां मिली नई रोशनी से हमारा कल बेहतर होगा।'
उमर अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री
'म्यूनिख और श्रीनगर के बीच की दूरी 7756 किमी है। लेकिन आज यह दूरी घटकर शून्य रह गई।'
माइकल स्टीनर, भारत में जर्मनी के राजदूत