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लाई डिटेक्टर टेस्ट को तैयार सुभाष चंद्रा

Wed, 12 Dec 2012 08:02 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 12 Dec 2012 08:02 PM IST
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zee chairman subhash chandra agrees for lie detector test two editors refuse

जी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए राजी हो गए हैं। चंद्रा ने अदालत को बताया कि वह जांच से गुजरने को तैयार हैं बशर्ते उन्हें इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए।

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हालांकि जी न्यूज से जुड़े संपादक सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने से साफ इनकार कर दिया है। जिंदल स्टील से 100 करोड़ रुपये की उगाही का प्रयास करने के मामले में जांच एजेंसी ने इन तीनों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया था।
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अदालत ने जेल में बंद जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी व समीर आहलुवालिया के भी प्रोडक्शन वारंट जारी कर तिहाड़ जेल प्रशासन को उन्हें पेश करने का निर्देश दिया। साकेत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने इन तीनों के वकीलों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उनके मुवक्किल टेस्ट करवाने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इस टेस्ट की जरूरत ही नहीं है।
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अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सेलवी व अन्य बनाम कर्नाटक राज्य के मामले में स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए आवेदन दाखिल किया गया हो उस आवेदन के निपटारे के लिए संबंधित लोगों की अदालत में उपस्थिति अनिवार्य है।

इससे पहले सुभाष चंद्रा के अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी ने उनके मुवक्किल को 9 से 11 दिसंबर तक पूछताछ के लिए बुलाया था और हमने जांच में पूरा सहयोग किया है। जहां तक लाई डिटेक्टर टेस्ट का सवाल है हम उसके लिए तैयार है, मगर उससे पहले सुभाष चंद्रा को अपने डाक्टर से विचार विर्मश करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्रा को कई रोग है। चंद्रा का अमेरिका और लंदन में इलाज चल रहा है। लाई डिटेक्टर टेस्ट की टेक्नीक की पूरी जानकारी लेकर वे अपने डॉक्टरों से बात करेगें। यदि डॉक्टरों ने टेस्ट करवाने की सलाह दी तभी वे अपनी रजामंदी देंगे।

दोनों संपादक लाई डिटेक्टर से मुकरे
वहीं सुधीर चौधरी के अधिवक्ता आरएन मित्तल व समीर आहलुवालिया के अधिवक्ता सुनील मित्तल ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों से कई चरणों में पूछताछ हो चुकी है और जो कुछ भी उनकी जानकारी में था वे सच्चाई बता चुके है। अतः ऐसी स्थिति में उनके लाई डिटेक्टर की जरूरी नहीं है और वे टेस्ट करवाने से इनकार कर रहे है।


जिंदल स्टील से 100 करोड़ रुपये की उगाही का प्रयास करने के मामले में जांच एजेंसी ने इन तीनों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया था। जांच एजेंसी के अनुसार पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास आया है और वे कई अहम तथ्यों को छिपा रहे है जिस कारण उनका टेस्ट करवाना जरूरी है।

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