जेल से नहीं निकलेगा मुंबई हमलों का गुनहगार
मुंबई हमलों का अहम आरोपी जकीउर रहमान लखवी जमानत के बाद भी जेल में ही रहेगा। शांति भंग होने की आशंका के कारण पाकिस्तान सरकार ने उसे जेल से रिहा करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान की विशेष आतंकवाद निरोधी अदालत ने गुरुवार को लखवी को जमानत दे दी थी।
माना जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार लखवी की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकती है। गुरुवार को लखवी को जमानत दिए जाने पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई थी। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत की ओर से पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए जाने के बावजूद जमानत मिलना पाकिस्तान सरकार की ओर से पैरवी में कमी की ओर साफ इशारा करता है। उन्होंने लखवी को जेल से बाहर न आने देने के लिए पाकिस्तान सरकार से तत्काल ऊपरी अदालत में अपील करने की मांग की थी।
भारत के ऐतराज के बाद पाकिस्तान सरकार ने आश्वासन दिया था कि लखवी को तत्काल रिहा नहीं किया जाएगा और विशेष अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।
मुंबई हमलों का आरोपी है लश्कर-ए-तैयबा का लखवी
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी लखवी मुंबई हमले के उन सात आरोपियों में से एक है, जिस पर पाकिस्तान में मुकदमा चल रहा है। उसके अलावा अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनस अंजुम को 2009 में गिरफ्तार किया गया था।
इन सभी पर मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। मुंबई हमले में 166 लोग मारे गए थे जबकि 300 से अधिक घायल हुए थे। गुरुवार को लखवी की जमानत याचिका पर सुनवाई में उसके वकील राजा रिजवान अब्बास ने कहा था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ साक्ष्यों की कमी थी, इसलिए उन्हें जमानत दे दी जाए। अभियोजन पक्ष की ओर से उस समय कोई वकील मौजूद नहीं था।
लखवी को पांच लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई।