हिजबुल मुजाहिदीन के नेताओं से मिलना चाहते थे आईएस में शामिल होने वाले युवक
आतंकवादी संगठनों से जुड़ने की योजना बना रहे गिरफ्तार युवक कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी या फिर हिजबुल मुजाहिदीन के नेताओं से मिलना चाहते थे। तीनों ने तय किया था कि इसके लिए वे अपने चाचा सिमी के पूर्व प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के नाम का इस्तेमाल करेंगे। सलाहुद्दीन की मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार मोहम्मद अब्दुल्ला बासित, माज हसन फारूक और सैयद उमर फारूक हुसैनी का सीधे तौर पर दुख्तरान-ए-मिल्लत की नेता अंद्राबी से कोई संबंध नहीं है।
अलगाववादी नेता भी तीनों को नहीं जानती है। युवकों की योजना थी कि श्रीनगर पहुंचने के बाद वे अपने चाचा के नाम के सहारे अनद्राबी तक पहुंचेंगे और उससे सीमा पार जाने के लिए मदद मांगेंगे। तीनों अफगानिस्तान के जलालाबाद जाना चाहते थे।
आईएस में शामिल होने जा रहे तीन युवकों से पूछताछ में खुलासा
आरोपी युवक बीते कुछ हफ्तों से इंटरनेट पर आईएस की प्रचार सामग्री देख रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर पर यूट्यूब पर एक डॉक्यूमेंट्री देखी थी तथा सूबे में बढ़ते आतंकवाद पर अखबार में छपी एक खबर भी पढ़ी थी। बासित ने स्वीकार किया है कि माज और उमर अपने पारिवारिक आयोजनों और दूसरी पार्टियों के दौरान बैठक बुलाया करते थे।
इसी बीच तीनों ने किसी आतंकी संगठन से जुड़ने की साजिश रची। दूसरी ओर एसआईटी ने आरोपियों की और 10 दिन की हिरासत पाने के लिए मंगलवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन युवकों को पिछले हफ्ते नागपुर एयरपोर्ट से पकड़ा गया था।