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टॉप कराने की होड़ से प्रभावित हो रही युवाओं की प्रगति

Fri, 23 Nov 2012 10:53 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Fri, 23 Nov 2012 10:53 AM IST
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youth progress being affected by topper race says kalam

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने बच्चों को दूसरे के जैसा बनाने की मची होड़ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बाराबंकी हो या रामेश्वरम अथवा कन्याकुमारी या कश्मीर हर जगह का युवा स्वयं में अद्वितीय होता है। सबकी अपनी महत्वाकांक्षा होती है और हर कोई अद्वितीय बन चाहता है लेकिन आसपास का पूरा परिवेश युवाओं को दूसरे जैसा बनाने में लगा हुआ है।

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मां-बाप बेटे को पड़ोसी के अच्छे नंबर पाने वाले बच्चे की तरह बनाना चाहते हैं और स्कूल टॉपर की तरह बनाने में लगे हुए हैं। बच्चों एवं युवाओं को स्वयं को अद्वितीय बनाने के लिए इसके खिलाफ कड़ा युद्घ लड़ना होगा।
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डॉ. कलाम बृहस्पतिवार को बाराबंकी स्थित सागर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं से कहा कि विज्ञान उन्हें कल्चर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में मदद करेगा।
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मेघनाद साहा, डीएस कोठारी, थामस एडीशन, ग्राहम वेल, राइट बंधु, सीवी रमन, चंद्रशेखर सुब्रह्मण्यम, रामानुजम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आप इन्हें इनके विशिष्ट वैज्ञानिक योगदानों के लिए ही याद करते हैं। रामानुजम इंटरमीडिएट पास नहीं थे क्योंकि वह गणित के अलावा सभी विषय में फेल हो गए। लेकिन गणित में अपने योगदान के लिए वह अमर हैं।

कलाम ने कहा कि स्वयं को यूनिक बनाने के लिए चार बातों पर ध्यान देना होगा- जीवन में महान उद्देश्य, निरंतर ज्ञान प्राप्ति की प्रक्रिया में लगे रहना, अच्छी किताबों, शिक्षकों एवं महान वैज्ञानिकों का अनुकरण और कड़ी मेहनत एवं सकारात्मक सोच। उन्होंने कहा कि एक्सीलेंस दुर्घटनावश या एकाएक नहीं आता बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें आपको लगे रहना होगा।
 
कलाम ने दिलायी शपथ
-मैं संभावनाओं के साथ पैदा हुआ हूं, मैं अच्छाई व विश्वास के साथ पैदा हुआ हूं, मैं विचार एवं स्वप्न के साथ पैदा हुआ हूं, मैं महानता, विश्वास एवं साहस के साथ पैदा हुआ हूं। मैं लड़ाइयों को जीत लूंगा। मै पंख के साथ पैदा हुआ हूं। मैं उड़ान भरूंगा...।


-विज्ञान एक जीवन पर्यंत मिशन है। मैं काम करूंगा एवं सफल होऊंगा। मैं जब भी पढ़ूंगा, जो भी प्रोडक्ट बनाऊंगा, जो भी खोज करूंगा, उसका आधार आदर्श होगा। महान पुस्तकें, महान शिक्षक एवं महान व्यक्तित्व हमारे मित्र में होंगे। मुझे दृढ़ विश्वास है कि विज्ञान हमारे सामने कई कठिनाइयां पैदा करेगा, हम उन्हें ध्वस्त करेंगे। हम कठिनाइयों के कप्तान बनेंगे और हमारा राष्ट्रीय ध्वज हमारे दिल में लहराएगा।

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