जज्बा: छात्रा ने वजीफे की रकम से बनवाया शौचालय, जरूर पढ़े ये खबर
इरादा नेक हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और तो सफलता मिल ही जाती है। मध्यप्रदेश के गुरड़िया वर्मा गांव की एक बीएससी की छात्रा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
21 वर्षीय अनीता पर स्वच्छ भारत अभियान और गांव में एक एनजीओ के जरिए चलाए गए स्वच्छता जागरूकता अभियान का असर ऐसा हुआ कि उसने वजीफे में मिली रकम से ही घर में शौचालय बनवा लिया।
इस काम के लिए अनीता को घर में विरोध भी झेलना पड़ा। दरअसल, अनीता के पिता रामलाल कैसे भी मजूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। रामलाल के पास जायदाद के नाम पर दो एकड़ जमीन और दो भैंस हैं।
गांव वालों के लिए प्रेरणा श्रोत बनी छात्रा की पहल
अनीता ने जब घर में ये बात रखी कि शौच के लिए बाहर जाने से तमाम तरह की बीमारियां घेर लेती हैं, इसलिए क्यों न घर में शौचालय बनवा लिया जाए तो अनीता के पिता ने गरीबी का हवाला देते हुए बात को सिरे से खारिज कर दिया।
लेकिन अनीता अपनी बात पर अडिग रही और एससी कल्याण विभाग की तरफ से पढ़ाई के लिए मिले 4 हजार 9 सौ 99 रुपए में से अनीता ने तीन हजार रुपए शौचालय बनवाने में खर्च कर दिए।
शौचालय बनने के बाद घर वालों ने भी घर में बने शौचालय को इस्तेमाल करने की आदत डाल ली। फिर क्या था, देखते-देखते अनीता से प्रेरणा लेकर गांव के लोग शौचालय बनवाने लगे हैं। आज 600 परिवारों के बीच करीब 70 शौचालय बनवाए जा चुके हैं।