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बिना आधार कार्ड के नहीं लिया जा सकता बच्चा गोद

Tue, 14 Jul 2015 07:56 AM IST
Updated Tue, 14 Jul 2015 07:56 AM IST
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you Can not adopt a child without the adhar card

अनाथालय या बालगृह से बच्चा गोद लेना है तो आपके पास आधार पंजीकरण होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर घर को किलकारियों से गुलजार करने के लिए लंबा इंतजार करना होगा।

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सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) ने आधार पंजीकरण के संबंध में यह एडवाइजरी जारी की है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन आने वाले कारा ने गोद लेने की प्रक्रिया में आधार को प्राथमिकता देने का यह निर्णय लिया है।
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इस बारे में बाल आयोग के पूर्व सदस्य विनोद कुमार का कहना है कि यह एक स्वागत योग्य पहल है। लेकिन ऐसी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा भी जरूरी है। ऐसे में गैरकानूनी तरीके से बच्चों को गोद लेने के मामलों में कमी आएगी।
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गैरकानूनी तरीके से बच्चा गोद लेने में आएगी कमी

you Can not adopt a child without the adhar card

वहीं गोद लिए गए बच्चों के बारे में जानकारी लेना भी आसान होगा। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को आधार से जोड़ने के क्रम में किए गए इस फैसले के तहत कारा ने सभी एडॉप्शन सेंटर के लिए इससे संबंधित निर्देश जारी कर दिए हैं।

यह कहा गया है कि अगर कोई दंपति बच्चा गोद लेना चाहता है तो प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही आधार नंबर का पंजीकरण कराना होगा। आधार पंजीकरण के बारे में सबसे पहले यूपीए सरकार में विचार किया गया था, लेकिन अब मोदी सरकार ने इसे अमलीजामा पहनाया है।

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि किसी भी योजना के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे पहले अनाथ बच्चों को पहचान दिलाने के लिए मंत्रालय यूआईडी प्राधिकरण के साथ मिलकर आधार नंबर जारी करने की योजना भी शुरू कर चुका है।

गोद लेने के नियमों को सरल बनाने पर जोर
एक अनुमान के मुताबिक देश में तीन करोड़ अनाथ बच्चे हैं। लेकिन गोद लेने के चलन में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल केवल 2500 बच्चों को गोद लिया गया, जबकि चार साल पहले 5700 बच्चों को गोद लिया गया था।

वहीं, विदेश से आकर भारत में बच्चों को गोद लेने के मामले भी पिछले चार साल में 628 से घटकर 271 हो चुके हैं। इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गोद लेने के नियम सरल बनाने की शुरुआत की है।

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