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क्या आदित्यनाथ ने डुबोई भाजपा की लुटिया?

Tue, 06 Jan 2015 08:41 AM IST
Updated Tue, 06 Jan 2015 08:41 AM IST
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UP By-Election Results 2014: Yogi Adityanath campaign caused bjp defeat in uttar pradesh by polls

लोकसभा चुनावों में 73 सीटों पाकर 2017 में प्रदेश में सरकार बनाने का ख्वाब देख रही भाजपा औंधे मुंह गिरी है।

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फायरब्रांड नेता योगी आदित्यानाथ और 'लव जिहाद' के जरिए भाजपा ने अन्य दलों को पटखनी देने का खाका तैयार कर लिया था, लेकिन मुलायम सिंह यादव के धोबीपाट ने सब चौपट कर दिया।

प्रदेश की जिन 11 सीटों के नतीजे आए हैं, वे भाजपा और उसके सहयोगी अपना दल के खाते की थी, जिसमें से भाजपा मात्र तीन सीटें ही बचा पाई हैं। शेष 8 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमा लिया।
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इन नतीजों के बाद ये सवाल पूछा जा रहा है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की लुटिया योगी आदित्यनाथ ने तो नहीं डुबो दी?

योगी और लव जिहाद का कड़वा कॉकटेल

UP By-Election Results 2014: Yogi Adityanath campaign caused bjp defeat in uttar pradesh by polls

पखवाड़े भर पहले भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश में 'स्टार कैंपेनर' का ‌रुतबा दिया था। लोकसभा चुनावों में विकास का नारा लगाकर सत्ता में आई भाजपा ने व‌िधानसभा उपचुनाव के लिए 'लव जिहाद' को अपना ह‌‌थियार बनाया।

भाजपा के रणनितिकारों का मानना था कि गोरखपुर स्थिति गोरक्षपीठ के भगवाधारी महंत योगी आदित्यनाथ से बेहतर कोई नेता नहीं हो सकता, जो इस ह‌थियार को सबसे बढ़िया तरीके से भांज सके।

योगी आदित्यनाथ को भाजपा आलाकमान ने अपनी ऊर्जा का भरपूर इस्तेमाल करने की छूट दी। जनसभाओं में अपने आग बरसाते भाषणों से उन्होंने खूब तालियां बटोरीं। हालांकि चुनाव आयोग की भौहें भी उन पर तनी। नोएडा में सांप्रदायिक भाषण देने के आरोप में उन पर मुकदमा भी दर्ज किया गया।

योगी पहले भी डुबा चुके हैं नाव

UP By-Election Results 2014: Yogi Adityanath campaign caused bjp defeat in uttar pradesh by polls

ऐसी पहली बार नहीं है कि भाजपा ने योगी आदित्यानाथ पर दांव लगाकर मुंह की खाई है। 2007 विधानसभा चुनावों और 2009 लोकसभा चुनावों में भी भाजपा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यानाथ पर भरोसा किया था। लेकिन आदित्यनाथ तब भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए थे।

योगी अ‌दित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में हिंदू युवा वहिनी नामक एक संगठन भी बना रखा है। ये संगठन योगी की जीत में तो जरूर मददगार रहा लेकिन भाजपा के मंसूबे कभी नहीं पूरा कर पाया।

2009 लोकसभा चुनाव में पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाजपा 32 में से 2 सीटें ही जीत पाईं, जबकि उन चुनावों योगी आदित्यनाथ और हिंदू युवा वाहिनी भाजपा के लिए जोरशोर से जुटे हुए थे।

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योगी ने 2012 में अलग लड़ा था चुनाव

UP By-Election Results 2014: Yogi Adityanath campaign caused bjp defeat in uttar pradesh by polls

उन्होंने पांच बार लोकसभा चुनाव जीता और कई बार भाजपा के बजाय हिंदू युवा वाहिनी के बल पर जीता। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाजपा की समानान्तर शक्ति भी बनने की कोशिश की।

2012 विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के बजाय हिंदू युवा वाहिनी के टिकट पर उम्मीदवार खड़े किए। योगी का ये दांव भाजपा को तो ले ही डूबा, उन्हें भी नुकसान हो। जिसके बाद योगी ने भाजपा के साथ समझौता कर लिया और एक बार फिर उसके पाले में आ गए। 2014 लोकसभा चुनावों में भी भाजपा ने योगी आदित्यनाथ का प्रचारक के रूप में उपयोग किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा केवल योगी आदित्यनाथ ही थे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने अलावा दूसरे प्रत्याशियों का भी प्रचार किया था।

भाजपा ने उन्हें कई मुस्लिम बहुल सीटों पर हेलीकॉप्टर से प्रचार करने भेजा था। हालांकि, तब योगी अपने फायरब्रांड छवि के बजाय मोदी की विकासपुरुष की छवि ही भुनाते ‌रहे। विधानसभा उपचुनावों में योगी ने मोदी के बजाय खुद पर भरोसा किया और नतीजा सामने है।

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