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'पाकिस्तान के रहने वाले थे ऋषि पतंजलि, पाक से शुरू हुआ योग'

Wed, 10 Jun 2015 08:50 AM IST
Updated Wed, 10 Jun 2015 08:50 AM IST
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योग में ओम और मंत्रों का जाप किए जाने को लेकर हिंदुस्तान में भले ही इसका पुरजोर विरोध हो रहा हो, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से आई खबर के मुताबिक पाकिस्तान में भी योग क्लास शुरू हो गई हैं।

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पाकिस्तानी ट्रेनर ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि ऋषि पतंजलि पाकिस्तान के ही रहने वाले थे और योग पाकिस्तान से ही आरंभ हुआ। इसके साथ ही चैनल ने पाकिस्तान में लोगों को योग करते हुए भी दिखाया था।
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वहीं, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार और योग को लेकर सियासत तेज हो गई है। राजनेताओं की बयानबाजी के बाद अब दारुल उलूम देवबंद के उलेमा भी इस विवाद में कूद गए हैं।

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'योग का भगवाकरण कर मजहबी सियासत से जोड़ना गलत'

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सूर्य नमस्कार और योग को लेकर इस्लामी तालीम के मरकज दारुल उलूम का बयान आया है। संस्था के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने इसे शरीयत के खिलाफ बताते हुए कहा कि योग का भगवाकरण कर इसे मजहबी सियासत से जोड़ा जा रहा है, जो गलत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून को दिल्ली में योग दिवस मनाने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इस पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने मंगलवार को कहा कि प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे आसनों में देवी-देवताओं के नाम और मंत्रों का जाप होता है, इसलिए इस्लाम में इन आसनों को हराम माना गया है, जो शरीयत के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि योग का भगवाकरण कर इसे मजहबी सियासत से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कोई भी एक्सरसाइज की जाए तो इस्लाम और दारुल उलूम को इस पर कोई ऐतराज नहीं है।

'योगासन इस्लाम में जायज नहीं'

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वहीं, दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने सूर्य नमस्कार और योग के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमानों में पैगंबर को माना जाता है। अल्लाह की इबादत के अलावा किसी और की पूजा करना हराम है। योगासन में पूजा जैसी मुद्रा बनती है, इस तरह की कोई भी मुद्रा इस्लाम में जायज नहीं है।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का विरोध भी इसलिए किया गया था, क्योंकि इसमें धरती मां को पूजने की बात थी। शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए सुबह के समय सैर की जा सकती है। योग की आड़ में मंत्रों का जाप गैर इस्लामी है। कहा कि मोदी सरकार जबरन इसे मुसलमानों पर थोप रही है। योग को सोची समझी साजिश के तहत बढ़ाया दिया जा रहा हैं।

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