EXCLUSIVE: इन महिलाओं से जानिए योग का असली 'चमत्कार'
21 जून को आयोजित होने वाले विश्व योग दिवस से जुड़े वाद-विवादों का फिलहाल भारी शोर है लेकिन इस शोर में बेहद खामोशी के साथ योग-आसन से फायदा उठाने का सिलसिला मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल में पहले से ही चल रहा है। यहां पर सन 2012 से ही गर्भवती महिलाओं को योग अभ्यास कराया जा रहा है, जिसमें मुस्लिम सहित सभी वर्गों की महिलाएं शामिल हैं।
योग काउंसलर कम्मोद अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को योग आसन का प्रशिक्षण देती हैं। प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद दोनों ही स्थितियों में योग बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। यहां पर कराया जाने वाला योग अभ्यास महिलाओं की नार्मल डिलिवरी में सहायक हो रहा है। साथ ही प्रसव के बाद शरीर को फिर से पुन: शेप में लाने में भी मददगार साबित हो रहा है।
गर्भवती महिलाओं को योग के पांच फायदे
1- नार्मल डिलिवरी में बेहद मददगार
2- प्रसव बाद बॉडी को रीशेप में लाता है
3- कमर में होने वाले दर्द से राहत में बेहद कारगर
4- स्त्रीयोजित अन्य समस्याओं में भी फायदेमंद
5- यूटरस संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी
पतंजलि से प्रशिक्षित हैं कम्मोद
जिला महिला अस्पताल में महिलाओं को योग का प्रशिक्षण दे रहीं कम्मोद हरिद्वार के पतंजलि योग प्रशिक्षण केंद्र से एमए की डिग्री लिए हुए हैं। मूल रूप से हाथरस की रहने वालीं कम्मोद प्रतिदिन जिला महिला अस्पताल आती हैं और यहां पर कमरा नंबर छह में महिलाओं को योग आसन का प्रशिक्षण देती हैं। कम्मोद कहती हैं कि उनकी प्राथमिकता उन आसनों की रहती है जिनके अभ्यास से महिलाओं को सामान्य प्रसव में मदद मिले।
'जब से योग आसन का प्रशिक्षण गर्भवती महिलाओं को देना शुरू किया है तब से देखा है कि 80 फीसदी प्रसव सामान्य तरीके से हुए हैं। यहां तक कि गर्भ में अगर बच्चा उल्टा भी है तो वह भी आसन आदि से सही हुआ और डिलिवरी नार्मल हुई। प्रसव के बाद भी शरीर को सही स्थिति में लाने में यह बेहद कारगर साबित हो रहा है।'
- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल