जमीन ही नहीं, समुद्र की लहरों पर भी होंगे योग के आसन
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सुबह जमीन ही नहीं, समुद्र की लहरों पर भी योग के आसन देखे जा सकेंगे। यह संभव हुआ है योग दिवस पर नौसेना की भागीदारी के चलते।
नौसेना ने फैसला लिया है कि 21 जून को जब 192 देशों के लोग योगासनों में तल्लीन होंगे, तब उनके सैनिक और अधिकारी भी तीनों दिशाओं के सुदूर समुद्र में तैनात अपने जहाजों पर सूर्य को नमस्कार करते हुए योग करेंगे।
नौसेना के सभी केंद्रों के नौसैनिक, परिवार समेत इसमें साथ देंगे। यही नहीं, नौसेना ने इसी दिन से नौसैनिकों के रोज के अभ्यास में योग को भी शामिल करने की तैयारी कर ली है।
नौसैनिकों के रोज के अभ्यास में शामिल होगा योग
नौसेना की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि योग दिमाग और शरीर के बीच सामंजस्य बनाने की प्राचीन विधि है। योग दिवस के बाद नौसेना में योग को अपनाने की व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है।
नौसेना के मुताबिक पश्चिम में सबसे दूर भूमध्य सागर, पूर्व में प्रशांत महासागर और दक्षिण में हिंद महासागर में तैनात नौसेना के जहाजों में योगासनों का अभ्यास कराया जा रहा है।
21 की सुबह सभी युद्धपोतों पर एक साथ योग किया जाएगा। इसके लिए सुबह सात बजे का समय चुना गया है, जब राजघाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आगाज करेंगे।