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येदियुरप्पा की पार्टी का आज होगा गठन

Sun, 09 Dec 2012 11:43 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 09 Dec 2012 11:43 AM IST
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yeddyurappa will constitute karnataka janta party today

कर्नाटक में पिछले 40 साल से भाजपा का झंडा उठा रहे पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा आखिरकार अब रविवार को पार्टी को अलविदा कह देंगे।

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रविवार को वे अपनी पार्टी कर्नाटक जनता पार्टी का औपचारिक तौर पर गठन कर देंगे। दक्षिण में पहली भाजपा सरकार गठित करने के प्रमुख सूत्रधार रहे येदियुरप्पा के जाने से भाजपा चिंतित है।
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पार्टी मानने लगी है कि फरवरी में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कर्नाटक उसके हाथ से निकल सकता है। इधर, येदियुरप्पा की कर्नाटक जनता पार्टी के गठन से ठीक एक दिन पहले भाजपा ने उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
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येदियुरप्पा के घोर समर्थक माने जाने वाले सासंद एस बसवाराज को  पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।

उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इसी तरह बंगलुरू में मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने येदियुरप्पा के समर्थक व प्रदेश के सहकारिता मंत्री बीजे पुत्तास्वामी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है।


बहरहाल, भाजपा में यह पहला मामला अवसर नहीं है,जब जनाधार वाले बड़े नेता को भाजपा से अलग राह अपनानी पड़ रही है।

उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह व मध्य प्रदेश में उमा भारती से लेकर दिल्ली में भाजपा को खड़ा करने वाले मदनलाल खुराना को भी भाजपा से बाहर होना पड़ा था।

उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के बाहर होते ही भाजपा भी लगभग हाशिए पर चली गई। कल्याण सिंह अब दोबारा भाजपा में वापसी कर बाट जोह रहे हैं।  

झारखंड में बाबूलाल मरांडी को भी अलग रास्ता तलाशना पड़ा। गुजरात में बुजुर्ग नेता केशू भाई पटेल अब अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में डटे हैं, जबकि शंकर सिंह वाघेला को कांग्रेस का दामन पकड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।

भाजपा के एक नेता की दलील थी कि कैडर पर आधारित दलों में जब कोई नेता अपने को दल से बड़ा माननेलगता है अथवा हाईकमान को अपनी जाति के संख्याबल की धौंस दिखाने लगता है, उनका यही हश्र होता है, और कुछ साल बाद जब वे बिना जनाधार के हो जाते हैं तो पार्टी में लौट आते हैं।

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