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तमिलनाडु पुलिस में पहली महिला ट्रांसजेंडर, जल्द संभालेंगी पद
Updated Tue, 16 Feb 2016 08:07 PM IST
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पहली महिला ट्रांसजेंडर बनी हैं पृथिका याशिनी, जिन्हें तमिलनाडु पुलिस शामिल होने का मौका मिला है। सलेम के पुलिस कमिश्नर के आदेश पर उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है।
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डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक सलेम के पुलिस कमिश्नर सुमित चरण के आदेश पर 21 सब-इंस्पेक्टर के नियुक्ति-पत्र भेजे गए।
ये कार्रवाई हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद किया गया। इस फैसले में कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय को, तीसरी श्रेणी के तहत तमिलनाडु अनइन्फॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड में शामिल करने के लिए कहा था।
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मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति
कोर्ट के इस फैसले ने याशिनी के सपने को साकार करने में अहम रोल अदा किया। याशिनी का बचपन से सपना था कि वह एक पुलिस अधिकारी बने। याशिनी ने महिलाओं के हॉस्टल की वार्डन के तौर पर काम किया था, सात ही काउंसलिंग कंपनी और निजी अस्पताल में भी काम कर चुकी हैं।
फरवरी 2015 में उन्होंने सब इंस्पेक्टर के पद के लिए आवेदन किया। उन्होंने तमिलनाडु अनइन्फॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड के तहत तीसरी श्रेणी में ये आवेदन दिया।
इसके बाद याशिनी ने मद्रास हाईकोर्ट में एक पेटिशन दायर की, जिसमें उसने पुलिस अधिकारी के तौर पर कोर्ट के आदेश के तहत नियुक्ति की मांग की। हालांकि, केवल कोर्ट का आदेश ही इसके लिए पर्याप्त नहीं था, उसके आवेदन को रद करने की और भी वजहें मौजूद थी। इसमें सबसे अहम वजह उसके सर्टिफिकेट में मौजूद नाम है। जिसको लेकर विवाद हो सकता था। फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट ने टीएनयूएसआरबी से कहा कि याशिनी को सब-इन्स्पेक्टर के तौर पर भर्ती किया जाए। यह ट्रांसजेंडर लोगों के लिए एक रोल मॉडल के तौर पर होगा।
फरवरी 2015 में उन्होंने सब इंस्पेक्टर के पद के लिए आवेदन किया। उन्होंने तमिलनाडु अनइन्फॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड के तहत तीसरी श्रेणी में ये आवेदन दिया।
इसके बाद याशिनी ने मद्रास हाईकोर्ट में एक पेटिशन दायर की, जिसमें उसने पुलिस अधिकारी के तौर पर कोर्ट के आदेश के तहत नियुक्ति की मांग की। हालांकि, केवल कोर्ट का आदेश ही इसके लिए पर्याप्त नहीं था, उसके आवेदन को रद करने की और भी वजहें मौजूद थी। इसमें सबसे अहम वजह उसके सर्टिफिकेट में मौजूद नाम है। जिसको लेकर विवाद हो सकता था। फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट ने टीएनयूएसआरबी से कहा कि याशिनी को सब-इन्स्पेक्टर के तौर पर भर्ती किया जाए। यह ट्रांसजेंडर लोगों के लिए एक रोल मॉडल के तौर पर होगा।