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सरकार और यमुना रक्षक दल के बीच समझौता

Wed, 13 Mar 2013 11:23 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 13 Mar 2013 11:23 PM IST
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yamuna bachao yatra

यमुना को निर्मल बनाने को लेकर जारी आंदोलन अब समाप्त होने की राह पर है। केंद्र सरकार और यमुना रक्षक दल के बीच बुधवार देर रात इस मुद्दे पर समझौता हो गया।

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सरकार ने रक्षक दल की सभी प्रमुख मांगों पर अपनी सहमति जता दी है। अब केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत बृहस्पतिवार को आली गांव में डेरा जमाए पदयात्रियों के बीच इस समझौते का ऐलान कर सकते हैं।
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कई दिनों की बातचीत के लंबे दौर के बाद बुधवार देर रात श्रमशक्ति भवन स्थित जल संसाधन मंत्री के कार्यालय में सरकार और रक्षक दल के बीच समझौता पत्र पर दोनों पक्षों ने हामी भरी।
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रावत ने अमर उजाला से कहा कि सरकार जो कुछ कर सकती थी, वह पहले ही रक्षक दल को बता दिया गया था। सरकार यमुना ही नहीं गंगा समेत सभी नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है।

दूसरी ओर रक्षक दल से जुड़े संतों ने कहा कि वे यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जारी आंदोलन के इस पड़ाव पर सरकार के रुख से सहमत हैं लेकिन पदयात्री चाहते हैं कि रावत आली गांव आकर उनके बीच इस फैसले का ऐलान करें।

उन्होंने कहा कि यमुना को निर्मल बनाने का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक यह नदी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं हो जाती है। संतों ने कहा कि फिलहाल इस पदयात्रा को अब समाप्त कर दिया जाएगा।

पदयात्रियों की मुख्य दो मांगें थी। एक तो वे यमुना के समानांतर नाला बनाने की मांग कर रहे थे ताकि गंदे नालों का पानी यमुना में जाने से रुक जाए। दूसरा हथिनी कुंड से यमुना में ज्यादा पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे।


केंद्र सरकार ने दोनों मुद्दों पर अपनी हामी भर दी थी लेकिन हरियाणा, दिल्ली आदि राज्य अपने हिस्से का पानी छोड़ने पर सहमत नहीं थे। फिलहाल यह मामला सुलझा लिया गया है।

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