..तो अधूरा रह जाएगा याकूब मेमन का ये काम
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मुंबई बम धमाकों का दोषी याकूब मेमन अपनी दूसरी मास्टर डिग्री लेने के लिए जीवित नहीं रहेगा। केंद्रीय कारागार में रहते याकूब ने राजनीतिक विज्ञान में एमए किया है।
मेमन को उसके जन्मदिन 30 जुलाई को फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा। चार्टर्ड एकाउंटेंट याकूब ने नागपुर जेल में रहते इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से अंग्रेजी साहित्य और राजनीतिक विज्ञान में एमए किया है।
याकूब ने 2010 से 2012 तक अंग्रेजी साहित्य और 2012 से 2014 तक राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई की। अप्रैल 2013 में उसे अंग्रेजी लिटरेचर की मास्टर डिग्री मिली थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से वह खुद इसे नहीं ले पाया था।
जेल में रहते राजनीतिक विज्ञान की परीक्षा भी पास की
केंद्रीय कारागार में पीजी कोर्सेज कराने वाले इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डा। शिव स्वरूप ने बताया कि याकूब को उसकी सेल में डिग्री सौंपी गई थी।
याकूब ने दिसंबर 2014 में राजनीतिक विज्ञान में एमए की परीक्षा पास की है लेकिन अभी तक उसे डिग्री नहीं मिली है। डा। स्वरूप के मुताबिक, ‘शायद वह अपनी मास्टर डिग्री लेने के लिए जीवित नहीं रहेगा।’
एक छात्र के तौर पर याकूब को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘उसे इन दोनों ही विषयों में रुचि थी। हमने उसे किताबें और इनपुट उपलब्ध कराया। हम सभी छात्रों को देखते हैं। हमारा सिद्धांत पढ़ाने और परामर्श उपलब्ध कराने के अपने काम पर ध्यान देने का है। हमें उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि का पता होता है लेकिन हम कभी इसे शिक्षा के साथ नहीं जोड़ते।’