राष्ट्रपति से भी नहीं मिली राहत, कुछ देर में याकूब को फांसी
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याकूब मेमन की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक बार फिर से खारिज कर दी है। इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव ने याकूब मेमन की दया याचिका खारिज कर दी थी।
वहीं बुधवार दिन में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी याकूब के डेथ वारंट को सही ठहराया था, जिसके बाद ये लगभग तय हो गया था कि उसे गुरुवार, 30 जुलाई को सुबह 7 बजे ही फांसी दी जाएगी।
पूरे मामले पर सरकारी वकील उज्जवल निकम ने जानकारी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन की उपचार याचिका खारिज कर दी है। उच्चतम न्यायालय ने याकूब मेमन के वकीलों की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि उपचार याचिका का निपटारा उचित तरीके से किया गया है। याकूब को जारी किए गए डेथ वारंट को भी सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया। निकम ने बताया कि याकूब को डेथ वारंट जारी करने में उचित कार्रवाई का पालन किया गया।
महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा मेमन की दया याचिका ठुकराए जाने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद फडणवीस से मुलाकात की थी। इसके बाद माना गया कि दोनों की मुलाकात में मुंबई के हालात का आंकलन किया गया है। इसके साथ ही मुंबई और नागपुर में सुरक्षा के खास इंतजाम किया गया है।
राष्ट्रपति ने फिर खारिज की दया याचिका
सुप्रीम कोर्ट और राज्यपाल के फैसले के बाद मेमन की फांसी का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि उसकी फांसी रोकने के लिए एक दया याचिका राष्ट्रपति के पास भी लगाई गई थी।
राष्ट्रपति ने याकूब की दया याचिका पर गृह मंत्रालय से चर्चा की। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से याचिका खारिज करने की अपील के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उसे मान लिया।
राष्ट्रपति के दर से याचिका खारिज होने के साथ ही याकूब की फांसी लगभग तय मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को बुधवार को फांसी दी जाएगी। 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी।