याकूब पर जजों में मतभेद, चीफ जस्टिस करेंगे फैसला
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन की फांसी टालने की अपील को बड़ी बेंच के पास भेजने का फैसला किया है। याकूब मेमन मुंबई धमाकों के दोषी हैं और उन्हें इसी महीने की 30 तारीख को फांसी दिया जाना है।
याक़ूब मेमन की याचिका पर जस्टिस ए आर दवे और कुरियन जोसेफ की बेंच ने मतविभाजित फैसला दिया। याकूब मेमन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी जिसमें उन्होंने उनके मामले में डेथ वारेंट जारी किए जाने को चुनौती दी थी।
मेमन के अनुसार सभी क़ानूनी विकल्प समाप्त होने से पहले ही उनके खिलाफ डेथ वारेंट जारी कर दिया गया था जो कि उनके अनुसार गैर-कानूनी है। उनकी अपील को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए सोमवार को सुनवाई करने का फैसला किया था।
दोनों जजों ने सुनाया अलग अलग फैसला
लेकिन सोमवार को इस पर कोई फैसला नहीं हो सका और इसे मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया था। मंगलवार को दोनों न्यायाधीशों ने अलग-अलग अपना फैसला सुनाया।
भारत सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि याकूब मेमन अपने पास मौजूद सभी न्यायिक विकल्पों को अपना चुके हैं इसलिए उनकी फांसी नहीं टाली जानी चाहिए। बड़ी बेंच का गठन कब होगा और उसकी सुनवाई कब होगी, अभी इस बारे में कोई भी जानकारी हासिल नहीं है।