याकूब मेमन की 'फांसी का फंदा' 22 लाख रुपए का!
1992 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी में अब एक सप्ताह का ही समय बचा है। नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी की तैयारियां की जा रही हैं। जेल अधिकारियों ने फांसी देने का डमी परीक्षण भी किया है।
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने जरूरी तैयारियों के लिए 22 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस रकम से नागपुर जेल में फांसी देने वाली जगह पर लोहे की ग्रिल लगाई जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा मंजूर प्रस्ताव के मुताबिक, गृह विभाग ने जेल में फांसी देने वाली जगह पर ग्रिल लगाने के लिए 22,99,719 रुपये मंजूर किए हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि ‘सुप्रीम कोर्ट के मेमन की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद नागपुर जेल की सुरक्षा बढ़ाना जरूरी था।’
उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्यपाल को यह सूचना दे दी है कि पूर्व राज्यपाल मेमन की दया याचिका खारिज कर चुके हैं। उन्होंने यहां कहा कि ‘विधि एवं न्याय विभाग ने राज्यपाल को इस नोटिंग के साथ फाइल भेज दी है कि मेमन की नई दया याचिका में कोई नया बिंदु नहीं उठाया गया है।’
फांसी देने वाली जगह पर लगेगी लोहे की ग्रिल
इससे पहले, 30 जुलाई को होने वाली फांसी की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को आईजी (जेल) मीरन बोरवंकर ने शुक्रवार को नागपुर जेल का दौरा किया।
जेल अधिकारियों के करीबी सूत्रों के मुताबिक, ‘मेमन की फांसी की तैयारियां चरम पर हैं। जेल नियमावली के अनुसार फांसी देने का डमी परीक्षण भी किया गया है। फांसी के लिए रस्सी बाहर से खरीदी गई है।’
सूत्रों के अनुसार, आईजी जेल कुछ दिन नागपुर में ही रहेंगी। वह यह सुनिश्चित करेंगी की निर्णायक दिन सभी चीजें तय प्रक्रिया से हों। सूत्रों ने बताया कि ‘फांसी की प्रक्रिया पूरी कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी नागपुर जेल के अधीक्षक योगेश देसाई पर होगी। वह उस समय यरवदा जेल में तैनात थे जब नवंबर 2012 को मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी दी गई थी।’