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याकूब ने अब तक नहीं लिखी अपनी वसीयत

Thu, 30 Jul 2015 08:32 AM IST
एजेंसी/ नागपुर
एजेंसी/ नागपुर Updated Thu, 30 Jul 2015 08:32 AM IST
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yakub had not yet written his will

फांसी के मुहाने पर पहुंच चुके 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेमन ने अब तक अपनी वसीयत नहीं लिखी है। याकूब के वकील अनिल गेडम ने बताया कि याकूब को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद थी और उसने दया याचिका राष्ट्रपति को भी भेजी थी।

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याकूब को उम्मीद थी कि उसे फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया जाएगा, शायद यही सोचकर उसने अपनी वसीयत नहीं लिखी। 1993 के मुंबई धमाकों में दोषी करार दिया जाने वाला याकूब एक मात्र व्यक्ति है।
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फांसी से बचने की उसकी सारी कोशिशें खत्म हो चुकी हैं। डाटा अदालत की ओर से फांसी पर लटकाए जाने के बाद माना जा रहा है कि उसका परिवार शव पर दावा करेगा।

शव के बारे में किसी भी निर्णय का अधिकार

yakub had not yet written his will

जेल नियम के पाठ 11 का हवाला देते हुए गेडम ने कहा कि नागपुर सेंट्रल जेल के सुप्रीनटेंडेंट के पास मौत की सजा पाने वाले व्यक्ति के शव के बारे में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार है।

तहकीकात के बाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट सहित डाक्टरों की एक टीम पोस्टमार्टम करेगी। उसके बाद जेल सुप्रीनटेंडेंट शव को जेल परिसर में ही दफन करा सकते है।

हालांकि अगर परिवार शव को अपने कब्जे में लेना चाहता है तो उन्हें प्रशासन को यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि वे इसको लेकर कोई धरना-प्रदर्शन जैसी कोई गतिविधि नहीं करेंगे और शव को शांति से दफना दिया जाएगा।

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