फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Would reduce the life sentence

उम्रकैद सजा पाए कैदियों की कम होगी सजा

Fri, 24 Jul 2015 01:30 AM IST
Updated Fri, 24 Jul 2015 01:30 AM IST
विज्ञापन
Would reduce the life sentence

राज्य सरकारें एक बार फिर से उम्रकैद की सजा पाए कैदियों को सजा में छूट (रियायत) दे सकेंगी। हालांकि राज्यों को उन मामलों के दोषियों की सजा में छूट देने का अधिकार नहीं होगा जिनकी जांच सीबीआई ने की हो या फिर जिन लोगों को टाडा के तहत गिरफ्तार किया गया हो या फिर जिनमें कोर्ट ने छूट न देने का निर्देश दे रखा हो।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर एक साल पहले जारी किए गए स्थगनादेश को हटाते हुए कहा कि यह छूट उन कैदियों को नहीं मिलेगी जिन्हें बलात्कार और हत्या के आरोप में उम्रकैद मिली है।
विज्ञापन


कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने जुलाई 2014 के उस आदेश में फेरबदल किया है जिसमें राज्य को दोषियों को सजा में छूट या रियायत देने पर रोक लगा दी गई थी।

इन कैदियों पर लागू नहीं होगा यह फैसला

Would reduce the life sentence

चीफ जस्टिस एच एल दत्तू की अगुवाई में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट किया कि यह ‘अंतरिम आदेश’ राजीव गांधी हत्याकांड पर लागू नहीं होगा, जिसमें उम्र कैद की सजा पाए सात दोषियों को तमिलनाडु सरकार की ओर से रिहा किए जाने के अधिकार के खिलाफ केंद्र की याचिका विचाराधीन है।

केंद्र सरकार का कहना है कि राजीव गांधी हत्याकांड की जांच सीबीआई द्वारा की गई है, लिहाजा दोषियों को सजा में छूट देने का अधिकार केंद्र के पास है न कि राज्य सरकार के पास।

जस्टिस एफएमआई कलिफुल्ला, जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष, अभय मनोहर सप्रे और यूयू ललित वाली बेंच ने कहा कि उसका फैसला राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में लागू नहीं होगा।

उसका अंतरिम आदेश उन मामलों पर लागू होगा, जिस पर फैसला सुनाया गया है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई 2014 को अपने उस आदेश को संशोधित किया है, जिसमें इसने राज्य सरकारों को उम्र कैद की सजा पाए कैदियों को छोड़ने के अधिकार पर रोक लगा दी थी।

यह मामला तमिलनाडु सरकार की ओर से राजीव गांधी हत्याकांड के तीन दोषियों - वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन, संथन और अरिवु को छोड़ देने के फैसले के बाद उठा था। मृत्युदंड पाए इन अभियुक्तों की सजा उम्र कैद में बदल दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed