{"_id":"d8983164-6e15-11e2-a797-d4ae52bc57c2","slug":"world-book-fair-start-watched-at-young-readers","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व पुस्तक मेला आज से, युवा पाठकों पर सबकी नजर","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
विश्व पुस्तक मेला आज से, युवा पाठकों पर सबकी नजर
नई दिल्ली/रवि बुले
Updated Mon, 04 Feb 2013 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार से प्रगति मैदान में शुरू हो रहे 23वें विश्व पुस्तक मेले में आयोजकों और प्रकाशकों का प्रयास नई पीढ़ी के अधिक से अधिक पाठकों को जोड़ने का रहेगा। यही कारण है कि युवाओं को केंद्र में रख कर मेले में कई कार्यक्रम आयोजित हैं।
विज्ञापन
उनके लिए अलग से पैवेलियन हैं और प्रकाशक युवाओं को आकर्षित करने वाली पुस्तकें ला रहे हैं। इसके अतिरिक्त युवा लेखकों की पुस्तकों की भी मेले में भरमार रहेगी। 30 से ज्यादा युवा लेखकों की किताबों का विमोचन इस पुस्तक मेले में होगा।
विज्ञापन
नई पीढ़ी के युवाओं को लेखकों से सीधे जोड़ने के लिए आयोजकों ने इस बार ‘ऑथर्स कॉर्नर’ बनाया है, जहां लेखक-पाठक के बीच सीधा संवाद हो सकेगा। एक सप्ताह के आयोजन में सौ से ज्यादा लेखक यहां पाठकों से जुड़ेंगे। यहां ऐसे सत्रों का भी आयोजन है, जिनमें लेखक युवाओं को लेखन कौशल बेहतर बनाने के टिप्स देंगे और अपने लेखन संबंधी अनुभव साझा करेंगे।
विज्ञापन
बच्चों और युवाओं में पुस्तकों को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक स्कूल, कॉलेज और एनजीओ छोटे-छोटे नाटकों और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। यही नहीं युवाओं को करियर गाइडेंस समेत मतदान के प्रति युवाओं को जागरूक करने के कार्यक्रम भी यहां होंगे। एक पूरा पैवेलियन बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर केंद्रित होगा।
प्रकाशक जहां शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक और नई किताबें ला रहे हैं, वहीं गॉड पार्टिकल जैसे विषय और स्टीव जॉब्स जैसी शख्सीयत पर ढेरों नई किताबें पुस्तक मेले में आ रही हैं। हिंदी साहित्य के प्रकाशक भी युवा लेखकों के कहानी संग्रह और उपन्यास प्राथमिकता से ला रहे हैं। वहीं शनिवार को 98 वर्ष के हुए लेखक-पत्रकार खुशवंत सिंह की किताब ‘देयर इज नो गॉड’ का हिंदी अनुवाद ‘भगवान बिकाऊ नहीं’ शीर्षक से आ रहा है।
खोज नए पाठकों की
हर प्रकाशक नए पाठकों की तलाश में है। ऐसे में उसकी कोशिश कम मूल्य की किताबें लाकर ग्राहकों को आकर्षित करने की भी है। किफायती किताबें लाए बगैर नए पाठक जोड़ना संभव नहीं है।- अरुण माहेश्वरी, वाणी प्रकाशन
कुछ यंग एडल्ट्स के लिए
कॉलेज जाने वाली युवा पीढ़ी का प्रकाशकों ने इस बार खास ध्यान रखा है। अंग्रेजी के ‘पापुलर लिटरेचर’ की तर्ज पर हिंदी में प्यार और रिलेशनशिप के पॉकेट साइज उपन्यास उतारे गए हैं। हिंद पॉकेट बुक्स के नफीस अफरीदी बताते हैं कि हम यंग एडल्ट्स के लिए सात उत्तेजक उपन्यास ला रहे हैं, जो अंग्रेजी में कामयाब रहे हैं।
ये हैं : साइरस एम गोंडा का एयर होस्टेस की डायरी, राहुल सैनी का छोटी छोटी बातें, विनीत बंसल का वो चली गई, दुर्जोय दत्त का ऑफ कोर्स आई लव यू, सचिन गर्ग का फर्स्ट लव और सुमरित शाही के जस्ट फ्रेंड्स और थोड़ा थोड़ा प्यार... कुछ कुछ चॉकटेल जैसा।
युवा लेखिकाएं बिखेरेंगी चमक
पुस्तक मेले में करीब दर्जन भर युवा लेखिकाओं की किताबों का विमोचन आकर्षण का केंद्र रहेगा। राजकमल प्रकाशन आकांक्षा पारे (तीन सहेलियां तीन प्रेमी), इंदिरा डांगी (डेढ़ सौ प्रेमिकाएं) और ज्योति कुमारी (शरीफ लड़की) के कहानी संग्रह ला रहा है। वहीं ज्ञानपीठ से नीलाक्षी सिंह का कहानी संग्रह ‘जिनकी मुट्ठियों में सुराख था’ और सामयिक प्रकाशन से जयश्री राय का उपन्यास ‘साथ चलते हुए’ मेले में आएगा। अपनी कहानियों के लिए चर्चित ज्योति चावला का पहला कविता संग्रह ‘मां का जवान चेहरा’ आधार प्रकाशन से आ रहा है।