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महिलाएं करेंगी काम तो 16 फीसदी बढ़ सकती है जीडीपी:रिपोर्ट

Mon, 05 Oct 2015 01:30 PM IST
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:30 PM IST
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working women can contribute in GDP hike by 16 percent

भारत में अगर पुरुषों की तरह महिलाओं को पेशेवर कामकाज के पूरे मौके मिलें तो इससे दस साल बाद देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 16 फीसद का इजाफा हो सकता है। व्यवसाय और आर्थिक क्षेत्र में शोध करने वाले संस्थान ग्लोबल मैकेंजी इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट में ये बात कही गई है। रिपोर्ट कहती है कि कामकाजी क्षेत्र में लैंगिक समानता के मामले में भारत अपने कई पड़ोसी देशों से भी पीछे है।

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रिपोर्ट के मुताबिक भारत में महिलाओं की आबादी 61।2 करोड़ है। लेकिन देश के श्रम शक्ति में उनकी हिस्सेदारी केवल 24 फीसद है जबकि वैश्विक स्तर पर ये औसत 40 फीसद के आसपास है। इस रिपोर्ट की लेखिका अनु मडगावकर कहती हैं, "अगर ज्यादा से ज्यादा महिलाएं काम करेंगी तो अर्थव्यवस्था का उत्पादन बढ़ेगा।" इसका एक मतलब यह भी है कि भारतीय पुरूषों को पहले से ज्यादा घर का काम करना होगा।

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महिलाओं ने जताई सहमति

working women can contribute in GDP hike by 16 percent

एशिया विकास बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया है कि महिलाओं को श्रम शक्ति का हिस्सा बना कर आर्थिक विकास दर को बढ़ाने की संभावनाएं बेहतर बनाई जा सकती हैं। वैसे श्रम शक्ति में इस तरह की लैंगिक असमानता की एक वजह महिला और पुरुष की परिवार और समाज में पारंपरिक भूमिकाओं से जुड़ी धारणाओं को भी माना जाता है।

मैकेंजी की रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि उन्होंने सर्वे में पूछे गए इस सवाल के जवाबों का भी विश्लेषण किया कि 'अगर मां बाहर काम करती है तो इससे बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्या आप इस बात से सहमत हैं?' उनका कहना है कि इस सवाल के जवाब में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी इस बात से सहमति जताई।

भारत में जहां सर्वे में ऐसी सहमति जताने वाली महिलाओं की संख्या 71 फीसद थी तो वहीं ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, नीदरलैंड्स, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्पेन और स्वीडन में सहमति जताने वाले पुरुषों और महिलाओं की संख्या 29 फीसद थी।

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