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'मुस्लिम बस्तियों में हम नहीं करेंगे काम'

Thu, 15 Jan 2015 12:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस, देवबंद
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस, देवबंद Updated Thu, 15 Jan 2015 12:05 PM IST
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workers in hathras decided not to work in muslim basti.

हाथरस में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को भी सफाई कार्य नहीं किया और आंदोलन के मूड में एकत्रित हो गए। इस दौरान वहां एडीएम व अन्य पुलिस अधिकारियों के समक्ष कर्मचारियों ने अपनी आधा दर्जन मांगें रखीं। कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा की मांग रखी और यह भी कहा कि वह मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में काम नहीं करेंगे। वहां बैकलॉग के मुस्लिम कर्मचारियों से काम कराया जाए।

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कर्मचारी नेताओं के मुताबिक अधिकारियों ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद वह काम पर वापस आने को राजी हो गए। दो दिन पहले नगर पालिका के एक सफाई कर्मचारी के साथ हुई मारपीट के बाद शहर में सांप्रदायिक हिंसा हो गई थी। उसके बाद सफाई कर्मचारियों ने सफाई का काम ठप कर दिया था। बुधवार को फिर सफाई कर्मचारी एकजुट होकर नगर पालिका पर एकत्रित हो गए और स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।
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इधर, एडीएम, एसडीएम सदर और एसडीएम सादाबाद फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। इन अधिकारियों के साथ सफाई कर्मचारियों की लंबी बात हुई। इस बीच पालिका के अन्य कार्यालय खुल गए।

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कर्मचारियों की मांगें

workers in hathras decided not to work in muslim basti.

सफाई कर्मचारियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी छह मांगें रखीं। कर्मचारियों ने मांग की कि सफाई कर्मचारी गुड्डू द्वारा दी गई तहरीर में सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की धारा 332 जोड़ी जाए। ‘अमर उजाला’ अखबार में जिस युवक का अवैध असलहे को लेकर सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग का फोटो छपा है, उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। वाल्मीकि बस्तियों को सुरक्षा प्रदान की जाए। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील मोहल्ला नाई का नगला में मौला शॉप फैक्ट्री चौराहे के पास पुलिस चौकी स्थापित की जाए। वाल्मीकि बस्ती को सुरक्षा दी जाए। लाला का नगला और मधुगढ़ी में एक समुदाय का आतंक समाप्त किया जाए। गांधी पार्क को कब्जामुक्त किया जाए।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक इन सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। घंटाघर और बस स्टैंड पर अज्ञात लोगों द्वारा शक में उठाए गए नगला नाई के दो वाल्मीकि युवकों विश्नू और गौरव में से विश्नू को छोड़ा गया। गौरव को भी जमानत पर छोड़ा जाए। इस मांग को पूरा करने का भी आश्वासन दिया गया।

सांप्रदायिक हिंसा में चार और मुकदमे दर्ज
सोमवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब चार मुकदमे और हो गए हैं। इस मामले में अब तक सात रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन को जेल भेजा गया है। पुलिस की टीमें पूरे घटनाक्रम में मुख्य आरोपियों की तलाश में दबिशें दे रही हैं। कुछ लोगों को चिन्हित कर तलाश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा अपनी ओर से दर्ज रिपोर्ट में कई हिंदूवादी नेता भी नामजद किए गए हैं।

मिश्रित आबादी वाले इलाकों में तनाव बरकरार

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हाथरस में दो दिन पहले हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब में ज्यादातर इलाकों में हालात सामान्य हैं, लेकिन मिश्रित आबादी वाले कुछ इलाकों में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण है। यह इलाके छावनी में तब्दील हैं और काफी फोर्स तैनात है। बुधवार को फिर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन इलाकों में गए और वहां की स्थिति देखी। वहां खामोशी भरा सन्नाटा पसरा हुआ है।

शहर में सोमवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब मुख्य बाजारों में तो हालात सामान्य हैं, लेकिन मिश्रित आबादी वाले इलाके नाई का नगला, बालापट्टी, लाला का नगला और मोहल्ला सीयल आदि में तनाव व्याप्त है। इन इलाकों में खामोशी छाई हुई है। कुछ स्थानों पर काफी पुलिस और बाहर से आया फोर्स तैनात है। इसके चलते भी लोग दहशत में हैं। मोहल्लों में लोगों ने अपनी-अपनी सीमाएं खींच ली हैं और एक-दूसरे के इलाकों में जाने तक से डर रहे हैं।

बस स्टैंड के आसपास फिर कुछ दुकानें और रेस्टोरेंट बंद रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मय फोर्स के साथ इन इलाकों का निरीक्षण किया और हालात देखे। वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे मामले की जानकारी लेते रहे।

हिंसा के बाद लाला का नगला पुलिस चौकी शुरू

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हाथरस शहर में सोमवार को हुए उपद्रव के बाद शहर में अब शांति व्यवस्था कायम करने के अलावा उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के लिए में पुलिस व प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। डीआईजी अलीगढ़ रेंज मोहित अग्रवाल ने कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि  शहर में पूरी तरह से शांति कायम हो गई है। कहीं भी किसी भी प्रकार की अशांति नहीं हैं। पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है।

डीएम शमीम अहमद खान ने बताया कि इस उपद्रव के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। करीब 30 लोगों को चिन्हित किया गया है, जो मुख्य भूमिका में होंगे, उन पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। अतिसंवेदनशील क्षेत्र लाला का नगला की पुलिस चौकी को संचालित कर दिया गया है। यहां चौकी प्रभारी के रूप में राघवेंद्र की तैनाती की गई है। अब तक यह एसआई सलेमपुर पुलिस चौकी पर तैनात थे। यहां शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए अर्द्ध सैनिक बल भी तैनात रहेगा। बालापट्टी में भी एक एसआई के नेतृत्व में पुलिस पिकेट तैनात रहेगी।

पुलिस अधीक्षक दीपिका तिवारी ने कहा कि इस घटना के लिए लापरवाही के आरोप में कोतवाली निरीक्षक राजवीर सिंह को निलंबित करने के बाद उनके स्थान पर नए कोतवाली प्रभारी के कोतवाली हाथरस गेट थाना प्रभारी नित्यानंद को तैनात कर दिया गया है। जबकि कोतवाली हाथरस गेट के प्रभारी के रूप में एके सिंह को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इस उपद्रव में इसमें जो लोग भी मुख्य रूप से दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पूरी तरह से जांच के उपरांत ही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल उपद्रवियों के फोटोग्राफ जल्दी ही चस्पा कराए जाएंगे और उनकी पहचान करा उनके  खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पटरी पर लौटा देवबंद

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दो दिन के उबाल के बाद बुधवार को देवबंद पटरी पर लौट गया। सुबह से ही बाजार खुलने लगे और शांतिपूर्ण माहौल के साथ दिन आगे बढ़ा। दिन भर शहर में शांति बनी रही। उधर, पुलिस ने पीएसी और आरएएफ के साथ बाजार में फ्लैग मार्च किया। सौहार्द बनाए रखने के लिए हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने शांति मार्च भी निकाला।

फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी शेयर किए जाने के बाद सोमवार को देवबंद में बवाल हो गया था। मुस्लिम समाज के लोगों ने टिप्पणी शेयर करने आरोपी छात्र पर कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली के समक्ष हंगामा किया था। कुछ अन्य स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए थे। पहले दिन मामला निपटने के बाद दूसरे दिन कुछ लोगों ने दुकानें बंद कराने की कोशिश की और फिर बवाल हो गया। मंगलवार को मीना बाजार में लाठीचार्ज के दौरान इमाम के घायल होने के बाद माहौल तनावपूर्ण बन गया था। हंगामे के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा। दिनभर जहां अफरा-तफरी का माहौल रहा, वहीं शाम को तलहेड़ी चुंगी पर लगाए गए जाम खुलने के बाद से नगर में हालात सामान्य हुए।

बुधवार को शहर का अमन पटरी पर लौटता नजर आया। नगर के चौक-चौराहों और बाजार में पुलिस दिनभर गश्त करती रही। हालांकि देवबंद छावनी में तब्दील रहा। पुलिस, पीएससी और आरएएफ के जवानों ने प्रमुख बाजारों में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों से शांति और सौहार्द कायम कराने पर बल दिया। उधर, हिंदू और  मुस्लिम समाज के लोगों ने बाजारों में शांति मार्च निकालते हुए लोगों से भाईचारा एवं सौहार्द का वातावरण कायम करने का आह्वान किया। इन संगठनों ने अधिकारियों को आश्वासन दिलाया कि किसी भी कीमत पर नगर का नहीं माहौल बिगड़ने दिया जाएगा।

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