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सोनिया का जलवाः रेलवे ले रहा सुपरफास्ट फैसले

Fri, 04 Oct 2013 02:27 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 04 Oct 2013 02:27 PM IST
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work of railway is on high speed fast in raebareli

सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली में परियोजनाओं को लेकर रेलवे सुपरफास्ट फैसले ले रहा है। बृहस्पतिवार को रायबरेली में रेल पहिया कारखाना लगाने के लिए राष्ट्रीय इस्पात निगम ने रेलवे के साथ दो करार पर हस्ताक्षर किए।

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रायबरेली में कारखाना लगाने की घोषणा पिछले बजट में की गई थी। छह महीनों में बाउंड्री आदि बनाने के साथ ही इस्पात निगम फैक्ट्री की स्थापना के लिए टेंडर भी जारी कर चुका है।
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यह अलग बात है कि एक साल से निर्माण पूरा होने के बाद भी बिहार रेल पहिया फैक्ट्री में अभी तक उत्पादन नहीं शुरू हो पाया है।

मगर मामला जब यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़ा हो, तो रेलवे हो या इस्पात मंत्रालय फैसले सुपरफास्ट स्पीड में होना तय है।

करार से पहले काम शुरू
रायबरेली स्थित रेल कोच फैक्ट्री की जमीन पर रेल पहिया कारखाना खोलने के लिए 21 दिसंबर को रेलवे ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड से एमओयू साइन किया था।

मार्च 2013 में इस फैक्ट्री का प्रस्ताव बजट में आया। रेल कोच फैक्ट्री ने चालीस एकड़ जमीन इस्पात निगम को 30 साल के लिए पट्टे पर देने का करार 3 अक्टूबर को किया। लेकिन करार हुए बिना ही इस्पात निगम इस जमीन को समतल करने के साथ ही वहां पर बाउंड्री का काम भी पूरा कर चुका है।
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सालों से अधूरे रेलवे के कई प्रोजेक्ट
रेलवे के साथ इस्पात निगम ने दूसरा करार रेल पहियों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए किया है। इस फैक्ट्री में बनने वाले 80 फीसदी पहियों की खरीद रेलवे अगले 27 साल तक करता रहेगा।

इस्पात निगम स्थापना के लिए काफी पहले टेंडर जारी कर चुका है। 30 सितंबर को यह टेंडर खोले भी जा चुके हैं। जर्मनी, रूस तथा चीन की कंपनियों ने इस फैक्ट्री की स्थापना में रुचि दिखायी है। अफसरों का दावा है कि टेंडर स्वीकृत होने के 36 महीने में रेल पहिया फैक्ट्री बनकर तैयार हो जाएगी।


रेलवे के इतिहास में कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री के बाद इतने कम समय में स्थापित होने वाला यह दूसरा प्रोजेक्ट होगा। रेलवे के दर्जनों प्रोजेक्ट सालों से अधूरे पड़े हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


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