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गीता प्रेस : तालाबंदी खत्म, 38 दिन बाद काम शुरू

Tue, 15 Sep 2015 11:52 PM IST
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:52 PM IST
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work at geeta press started after thirty eight days

गीता प्रेस में 38 दिन की हड़ताल पर विराम लग गया। मंगलवार सुबह से कर्मचारियों के काम पर आ जाने से तालाबंदी खत्म हो गई और दोपहर बाद से सामान्य दिनों की तरह छपाई की शुरुआत हो गई।

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सोमवार को डीएलसी के यहां तय दोनों पक्षों की वार्ता में प्रबंधन का प्रतिनिधित्व न होने के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी थी लेकिन देर रात गीता भवन में गीताप्रेस के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी की कर्मचारी नेताओं रमन श्रीवास्तव, मुनिवर मिश्रा आदि से बात हुई।
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कर्मचारी नेताओं ने निलंबित 12 स्थायी कर्मचारियों को जांच से पहले वापस न लेने की प्रबंधन की शर्त पर आपत्ति जताई। बातचीत में प्रबंधन ने इन 12 कर्मचारियों को तत्काल काम शुरू करने की शर्त पर वापस लेने पर सहमति जता दी, जबकि सेवा समाप्ति की जद में आए पांच संविदा कर्मचारियों को काम पर लेने से असहमति व्यक्त की।
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इस पर दोनों पक्षों की रजामंदी बनने के बाद मंगलवार सुबह सभी 210 स्थायी कर्मचारी गीता प्रेस पहुंचे और आठ अगस्त से शुरू हुई हड़ताल खत्म करने के फैसले के साथ काम शुरू हो गया।

दूसरी ओर काम से हटाए गए पांच संविदा कर्मचारी इस फैसले से असहमत हैं। उन्होंने सुबह गीता प्रेस के गेट पर पहुंचकर भीतर जाते स्थायी कर्मचारियों के रुख पर आपत्ति भी जताई। संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

कल्याण की सप्लाई इस महीने के आखिर तक

work at geeta press started after thirty eight days

हड़ताल खत्म होने और काम शुरू होने के साथ ही गीता प्रेस प्रबंधन ने मासिक पत्रिका कल्याण की सप्लाई शुरू करने की योजना पर चर्चा की। तय हुआ कि अगस्त और सितंबर के अंक जल्द से जल्द छापकर इसी महीने के अंत तक उन ग्राहकों तक भी भेज दिए जाएंगे, जिन्हें कल्याण की सप्लाई डाक से मिलती है।

कर्मचारी नेताओं ने संविदा कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। उन्होंने प्रबंधन के साथ सांठगांठ करके न सिर्फ गीता प्रेस के सभी कर्मचारियों का अहित किया है बल्कि संविदा कर्मचारियों की जिंदगी खराब कर दी है। इस वजह से अधिकांश संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। बुधवार की सुबह कर्मचारियों का प्रेस में नहीं घुसने दिया जाएगा।
- वंश गोपाल शुक्ला, संविदा कर्मचारी नेता, गीता प्रेस

कर्मचारियों के निलंबन वापस लेने और इन्क्रीमेंट पर प्रबंधन की सहमति जताने के बाद हड़ताल वापसी की सामूहिक राय बन गई। मंगलवार से कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया है। प्रबंधन से सेवा समाप्ति वाले संविदा कर्मचारियों को मानवीय ग्राउंड पर वापस लेने की सिफारिश भी की है। उम्मीद है प्रबंधन सहानुभूति से निर्णय लेगा।
- रमन श्रीवास्तव, कर्मचारी, गीताप्रेस

कर्मचारी नेताओं ने पांच संविदा कर्मचारियों के वापस न लेने के हमारी शर्त मानने के अलावा बिना किसी शर्त के काम पर वापस लौटने पर सहमति जताई है। कर्मचारियों ने हम पर विश्वास किया है। गीता प्रेस ट्रस्ट भी कर्मचारियों की सुविधाओं का ख्याल रखेगा। कर्मचारियों को इन्क्रीमेंट दिया जाएगा, लेकिन इसकी समय सीमा अभी तय नहीं है।
- ईश्वर प्रसाद पटवारी, ट्रस्टी, गीता प्रेस

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