फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Amruta Fadnavis Won't Quit Axis Bank job

नौकरी नहीं छोड़ेंगी फडनवीस की पत्नी?

Thu, 30 Oct 2014 03:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 30 Oct 2014 03:29 PM IST
विज्ञापन
Amruta Fadnavis Won't Quit Axis Bank job

देवेंद्र फडनवीस के राज्य के सबसे ताकवर व्यक्ति बनने के बाद भी उनकी पत्नी अपनी नौकरी नहीं छोड़ना चाहतीं।

विज्ञापन


ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की पत्नी अमृता नागपुर में एक्सिस बैंक की प्रीमियम ब्रांच में वाइस प्रेसीडेंट के रूप में कार्यरत हैं। वे पति देवेंद्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अपनी नौकरी जारी रखना चाहती हैं।

नौकरी के बारे में उनका कहना है कि नौकरी छोड़ने का मन न तो उनके पति देवेंद्र का है औ न ही उनका। हालांकि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें मुंबई में रहना पड़ सकता है इसलिए वह अपने बॉस से नागपुर से मुंबई ट्रांसफर करने के लिए आग्रह करेंगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री फडनवीस की पत्नी ने नौकरी न छोड़ने के पीछे कई वजहें भी बताई हैं।

अमृता क्यों जारी रखना चाहती हैं नौकरी?

Amruta Fadnavis Won't Quit Axis Bank job

नौकरी न छोड़ने के सवाल पर अमृता फडनवीस का कहना है कि वह नौकरी नहीं छोड़ना चाहतीं क्योंकि इस पोजिशन में पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है। उनका मानना है कि प्रत्येक महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए।

उनका कहना है कि वह हमेशा काम करना जारी रखेंगी क्योंकि उन्हें खुद की मेहनत से आगे बढ़ना अच्छा लगता है और यही उनकी पहचान का बड़ा कारण है। अमृता की एक पांच वर्ष की बच्ची भी है जिसकी उन्हें देखरेख करनी होती है।

उनका कहना है कि अगर बैंक उन्हें मुंबई ट्रांसफर नहीं भी करता तो वह नागपुर में ही रहना चाहेंगी ताकि उनकी नौकरी बरकरार रहे।

2006 में हुई थी देवेंद्र से शादी

Amruta Fadnavis Won't Quit Axis Bank job

रिपोर्ट के मुताबिक, अमृता रानाडे के माता-पिता पेशे से डॉक्टर हैं जो नागपुर में ही रहते हैं। अमृता की शादी देवेंद्र फडनवीस से 2006 में हुई थी।

देवेंद्र फडनवीस के मुख्यमंत्री बनने तक के सफर के पीछे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का बड़ा हाथ मानती हैं। क्योंकि बचपन से ही उनकी हर गतिविधि में आरएसएस की नैतिकता रही है।

आरएसएस की भूमिका और महत्व देते हुए अमृता ने कहा कि इस संगठन की शिक्षा लोगों को में अनुशासन पैदा करती है और उन्हें सेवा के लिए समर्पित करता है। यही देश के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि चुनावों में देवेंद्र फडनवीस की एक बड़ी जिम्मेदारी थी जिससे वह परिवार के साथ बहुत ही कम वक्त बिता पाए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed