चुनावों से पहले आरएसएस ने दिया बीजेपी को झटका
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने साफ कर दिया है कि भविष्य में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में वह भाजपा की मदद नहीं करेगा। यह बात मोहन भागवत ने शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलकर कही है। कल दोनों के बीच नागपुर में मुलाकात हुई थी। अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद संघ प्रमुख का आशीर्वाद लेने नागपुर पहुंचे थे।
टीओआई की ख्ाबर के मुताबिक बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक मोहन भागवत ने दिल्ली में बिना बहुमत के बीजेपी के सरकार बनाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है। भागवत ने अमित शाह को नए सिरे से चुनाव कराने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि वह सभी वायदे पूरे किए जाएं जो चुनाव प्रचार के दौरान किए गए।
भागवत ने दी शाह को सलाह
भागवत ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को यह भी सलाह दी है कि कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में संघ के भरोसे न रहकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं को मजबूत करें। कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल पर तैयारी करने के लिए कहें। बूथ लेवल पर मैनजमेंट को बेहतर बनाना बहुत जरूरी है। इस बात पर भी चर्चा हुई कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा और शिवसेना के बीच टिकट बंटवारा किस तरह हो।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी-शिवसेना के बीच कुछ मनमुटाव है। वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह नहीं चाहते हैं कि विधानसभा चुनावों के चलते अपने दो दशक पुराने सहयोगी शिवसेना से अलग हुआ जाए।
हाजिरी लगाने पहुंचते रहे हैं अध्यक्ष
ऐसा पहला मौका नहीं है जब कोई बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष्ा बनने के बाद सीधे संघ मुख्यालय पहुंचा हो। इससे पहले राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी भी जब राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे तो अपने हाजिरी लगाने सबसे पहले संघ मुख्यालय ही पहुंचे थे।
पार्टी अध्यक्षों के संघ्ा मुख्यालय पहुंचने से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि संघ का पार्टी पर कितना नियंत्रण है। इस मौके पर बीजेपी ने नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मीडिया से बात करने से मना कर दिया।