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महिलाओं को और आजादी, नाइट शिफ्ट में कर सकेंगी काम

Thu, 21 May 2015 05:45 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 21 May 2015 05:45 PM IST
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women will get more freedom

महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि वो फैक्ट्री एक्ट में संशोधन कर के महिलाओं को भी रात की शिफ्ट में काम करने की इजाजत देगा। श्रमिकों के लिए काम की स्थिति सहज हो और निरीक्षकों द्वारा कंपनी के मालिकों को छोटे-छोटे मुद्दों पर परेशान न किया जाए इसके लिए भी प्रावधान होगा।

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यह कानून सभी उद्योगों पर लागू होगा, जिसमें निर्माण, और खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य कारखाने भी शामिल होंगे। इस संशोधन के बाद महाराष्ट्र भी उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की इजाजत है। फिलहाल पंजाब, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, और हरियाणा में ही महिलाओं को रात के वक्त काम करने की इजाजत है।
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सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी मालिकों की

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राज्य के मुख्यमंत्री, देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी उनको नियुक्त करने वालों की होगी। राज्य सरकार के इस फैसले का उद्योगपतियों ने स्वागत किया है।उद्योगपतियों का कहना है कि इस फैसले से कार्यस्थलों पर लैंगिक विविधता बढ़ेगी। उद्योगपतियों ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा का ख्याल किसी भी दशा में रखा जाएगा।

इस संशोधन के संबंध में विडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कहा कि वे राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं। वहीं सीआईआई के चेयर मैन संजय किर्लोस्कर ने कहा है कि सरकार के इस कदम से कंपनियां महिलाओं की नियुक्ति करने में प्रोत्साहित होंगी और लैंगिक विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

ओवर टाइम बढ़ेगा

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इस संशोधन के साथ ही साथ फैक्ट्री एक्ट में कई और बदलाव किए जाएंगे। इन संशोधनों में यह भी शामिल है कि यदि किसी को ओवर टाइम करना है तो उसे प्रबंधन से आदेश लेने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ओवर टाइम के समय को 75 घंटे से बढ़ाकर 115 घंटे कर देगी।

सरकार उद्योग क्षेत्र में मालिकों को इंस्पेक्टर राज से छूट दिलाने की भी पहल कर रही है। मुख्यमंत्री फड़नवीस का कहना है कि छोटे छोटे मामलों को लोग आपस में ही सुलझाने की कोशिश करें। अगर इंस्पेक्टर कोई केस दर्ज भी करता है तो उसे चीफ फैक्ट्री इंस्पेक्टर से आदेश लेना होगा। राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देशाई का कहना है कि इन संशोधनों से राज्य के उद्योग जगत को बढ़ावा मिलेगा।

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