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'महिलाओं को मंदिर जाने से रोका जाना गलत'

Wed, 27 Jan 2016 04:21 PM IST
Updated Wed, 27 Jan 2016 04:21 PM IST
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Women's entery on shani shingnapur temple controversy.

महाराष्ट्र के अहमदनगर में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के जबरन प्रवेश के दौरान करीब 500 प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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इस बीच महिलाओं के प्रवेश को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। महिलाओं के समर्थन में लगातार आवाजें बुलंद हो रही हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने महिलाओं के शनि मंदिर में प्रवेश का समर्थन किया है। वहीं अखाड़ा परिषद को भी महिलाओं के शनि शिंगणापुर मंदिर में प्रवेश पर कोई परेशानी नजर नहीं आ रही।
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अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि महिलाओं के किसी भी मंदिर में प्रवेश पर रोक नहीं लगाना चाहिए। उन्हें रोका जाना गलत है। चाहे पुरूष हों या महिलाएं, उन्हें किसी भी मंदिर में प्रवेश का अधिकार है।
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'महिलाओं को मंदिर जाने से रोका जाना धर्म के खिलाफ'

Women's entery on shani shingnapur temple controversy.

शनि शिंगणापुर मंदिर विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस महिलाओं के साथ खड़े नजर आए।

उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन को लेकर भेदभाव करना हमारी संस्कृति में नहीं है। हिंदू परंपरा के मुताबिक महिलाओं को पूजा की इजाजत दी जानी चाहिए। मंदिर प्रशासन को इस पर सुलह का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्हें महिलाओं के साथ बैठक करके इस विवाद को निपटाने की कोशिश करनी चाहिए।

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी महिलाओं के मंदिर में प्रवेश की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुरूषों की तरह ही महिलाओं को भी मंदिर में प्रवेश की इजाजत मिलनी चाहिए।



आखिर क्या है शनि शिंगणापुर मंदिर में प्रवेश विवाद

Women's entery on shani shingnapur temple controversy.

बता दें कि शनि शिंगणापुर मंदिर प्रबंधन ने कुछ दिन पहले मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। जिसका जबरदस्त विरोध किया जा रहा है।

महिला संगठन भूमाता बिग्रेड ने तो मंदिर प्रबंधन के आदेश को चुनौती देते हुए 26 जनवरी को मंदिर में पूजा करने का ऐलान कर रखा है।

26 जनवरी को मंदिर में जबरन प्रवेश करने जा रही करीब 500 प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। दूसरी ओर अहमदनगर के जिलाधिकारी अनिल कवाडे ने 4 फरवरी तक जिले में किसी भी तरह से लोगों के एकजुट होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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