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पति के साथ अनहोनी के डर से यहां महिलाएं नहीं करतीं करवाचौथ

Sat, 11 Oct 2014 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टैंटीगांव (मथुरा)
ब्यूरो/अमर उजाला, टैंटीगांव (मथुरा) Updated Sat, 11 Oct 2014 09:19 AM IST
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women don't do karwa chauth in surir.

मान्यता है कि सुहागिनों के करवाचौथ का व्रत रखने से उनके पति को लंबी उम्र मिलती है, लेकिन यूपी के सुरीर में मान्यता इसके विपरीत है। यहां करवाचौथ वाले दिन महिलाएं व्रत रखना तो दूर कोई श्रृंगार भी नहीं करती हैं।

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इनका मानना है कि सती के श्राप के कारण करवाचौथ मनाने से उनके पति के साथ अनहोनी हो सकती है।

सुरीर के बघा मोहल्ले की महिलाएं सती के श्राप के डर से वर्षों से करवाचौथ न मनाने की इस परंपरा को निभाती चली आ रही हैं। यहां के नवयुवक शादी से पूर्व और शादी कर लौटने के बाद सती के मंदिर में पूजा-अर्चना को जरूर जाते हैं।

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इस परंपरा के पीछे की कहानी

women don't do karwa chauth in surir.

सुरीर के वयोवृद्ध मोहर सिंह, हुकम सिंह, पदम सिंह, दिगंबर सिंह आदि बुजुर्गों ने बताया कि सैकड़ों वर्ष पूर्व बघा मोहल्ला और नौहझील के गांव राम नगला के ग्वालवाल जंगल में पशु चरा रहे थे। दोनों गांवों के ग्वालवालों में झगड़ा हो गया। इसके कुछ दिन बाद राम नगला का एक युवक गौना कर अपनी पत्नी को लेकर पैदल आ रहा था। सुरीर के बघा मोहल्ले के ग्वालवालों और अन्य लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, इससे उसकी मौत हो गई। उस दिन करवा चौथ थी, स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रह रही थीं।

मान्यता है कि पति की मौत से क्षुब्ध युवक की पत्नी ने श्राप दे दिया कि जो भी स्त्री करवाचौथ के दिन व्रत रखेगी, वह उसकी तरह ही विधवा हो जाएगी। इसके बाद वह स्त्री पति के साथ सती हो गई। सती के श्राप के चलते यहां कोई भी महिला व्रत नहीं रखती है। जहां वह स्त्री सती हुई थी, गांव वालों ने वहां सती का मंदिर बनवाया।

‘तमन्ना तो है, लेकिन डर लगता है’
सुनहरी देवी, गौमा देवी, भूदेवी देवी का कहना है उनकी शादी को हुए 60 वर्ष से अधिक हो गए, लेकिन उन्होंने सती के श्राप के चलते करवाचौथ का व्रत नहीं रखा है। नवविवाहिता बबीता देवी, चंचल देवी, पूनम देवी, सपना, आरती आदि का कहना है कि करबा चौथ पर व्रत रखने की तमन्ना तो है, लेकिन सती के श्राप के डर से वे व्रत नहीं रखेंगी। उन्होंने बताया कि करवा चौथ के दिन नव विवाहिताएं शृंगार भी नहीं करती हैं।

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