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महिला आयोग ने जस्टिस गांगुली को भेजा नोटिस

Sat, 07 Dec 2013 12:13 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 07 Dec 2013 12:13 AM IST
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women commission sent notice to justice ganguly

लॉ इंटर्न के यौन उत्पीड़न के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एके गांगुली को राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजा है।

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आयोग ने शुक्रवार को यह मामला स्वत: संज्ञान में लेते हुए दो नोटिस जारी किए। इसमें से एक नोटिस जस्टिस गांगुली और दूसरा दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजा गया है।

महिला आयोग ने गांगुली से सर्वोच्च न्यायालय के तीन सदस्यों वाले पैनल की टिप्पणी पर सफाई देने को कहा है। जबकि दिल्ली पुलिस आयुक्त से यह जवाब मांगा है कि पीड़ित युवती की ओर से पूरी घटना बयान करने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने भी जस्टिस गांगुली को पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से हटाए जाने की मांग की है। तीरथ ने कहा है कि पीड़िता के आरोप से पैनल के सहमत होने के बाद गांगुली को अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। इसलिए उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि यौन उत्पीड़न करने वाला बड़े से बड़ा व्यक्ति सजा का अधिकारी है। इसलिए ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

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दिल्ली पुलिस की ओर से अब तक पीड़िता से बात नहीं करने पर सवाल खड़ा करते हुए शर्मा ने कहा कि पुलिस को जल्द से जल्द पीड़िता का बयान दर्ज करना चाहिए। गांगुली के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने युवती से बयान दर्ज कराने को कहा
यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे जस्टिस एके गांगुली चौतरफा घिर गए हैं। सुप्रीम कोर्ट पैनल के उन पर लगे आरोपों को पहली नजर में सही पाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने पीड़ित इंटर्न वकील से बयान रिकार्ड कराने को कहा है। इस बीच पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने कहा है कि मामले को यूं ही रफा-दफा नहीं किया जा सकता। इतना सब हो जाने के बावजूद अभी तक पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर बने जस्टिस गांगुली से राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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