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बिना पढ़ाए लाखों का वेतन ले रहे ये मंत्री

Wed, 03 Dec 2014 12:31 PM IST
Updated Wed, 03 Dec 2014 12:31 PM IST
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Junior HRD minister Ram Shankar Katheria took Full Month Salary from University without Taking a Single Class

जिन लोगों पर देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की जिम्मेदारी है वही गलत नजीर पेश करने में लगे हैं। केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया बिना पढ़ाए ही वेतन ले रहे हैं। कठेरिया डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के केएम इंस्टीट्यूट में रीडर हैं।

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नौ नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में शपथ लिए जाने के बाद से वह एक पूर्णकालिक मंत्री हैं। तब से एक भी दिन उन्होंने कक्षा नहीं ली है। बावजूद इसके उन्होंने नवंबर महीने की पूरी तनख्वाह ली है।
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उनकी कुल मासिक तनख्वाह 1.14 लाख रुपये है। इसमें पीएफ आदि के रुपये काटने के बाद 87 हजार रुपये उनके इलाहाबाद बैंक के खाते में विश्वविद्यालय के एकाउंट डिपार्टमेंट ने जमा कराए हैं।

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आज तक नहीं ली ऑफिशियल छुट्टी

Junior HRD minister Ram Shankar Katheria took Full Month Salary from University without Taking a Single Class

हैरत की बात यह भी है कि डॉ. कठेरिया ने साल 2009 में सांसद बनने के बाद विश्वविद्यालय से एक भी दिन की आधिकारिक छुट्टी नहीं ली है जबकि वह विधानसभा-लोकसभा के चुनाव, पार्टी सम्मेलन, आरएसएस के कार्यक्रम, निरीक्षण और संसद सत्रों में व्यस्त रहे। पार्टी ने उन्हें पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की कमान भी सौंपी हुई है।

लिहाजा इन राज्यों में भी अक्सर दौरा करते रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि वह सांसद बनने के बाद बहुत कम विश्वविद्यालय आए और कक्षाएं लीं। हिंदी विभाग के एमए और एमफिल के छात्रों का उनसे परिचय तक नहीं है।

सांसद को कम वेतन मिलता है और भत्ते ज्यादा मिलते हैं, इसलिए वह विश्वविद्यालय से मूल वेतन ले रहे हैं और संसद सदस्य को मिलने वाले आकर्षक भत्ते भी प्राप्त कर रहे हैं।

गेस्ट लेक्चरर के लिए लिखा पत्र

Junior HRD minister Ram Shankar Katheria took Full Month Salary from University without Taking a Single Class

कन्हैयालाल मणिकलाल मुंशी संस्थान (केएमआई) के निदेशक प्रो. हरिमोहन ने हिंदी के रीडर डॉ. रामशंकर कठेरिया का हवाला देकर 13 नवंबर को कुलपति को पत्र लिखा। पत्र में कहा है कि डॉ. कठेरिया राष्ट्रीय महत्व के एक पद पर हैं। इसलिए उनकी जगह एक गेस्ट लेक्चरर नियुक्त करने की अनुमति दी जाए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी एसी सिंह ने बताया कि केएमआई में रीडर डॉ. कठेरिया की सैलरी पर कोई रोक नहीं है। ऐसा केवल शिक्षक की छुट्टी के आवेदन पर ही किया जा सकता है या निदेशक अथवा कुलपति इस संबंध में निर्देशित करें।

केएमआई के निदेशक प्रो. हरिमोहन के मुताबिक हमने कुलपति को पत्र लिखा है कि हिंदी विभाग में गेस्ट लेक्चरर की नियुक्ति की जाए। डॉ. क ठेरिया के राज्यमंत्री बनने के बाद एक पद रिक्त चल रहा है।

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