'डिजिटल इंडिया' को लेकर माया का मोदी पर हमला
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। मायावती ने एक जुलाई को शुरू किए गए ‘डिजिटल इंडिया’अभियान को पहली नजर में बेअसर बताया है।
उन्होंने कहा कि बिजली की उपलब्धता न होने के कारण लोग इस कार्यक्रम को भी देख ही नहीं पाए। इस अभियान से पहले नरेन्द्र मोदी सरकार को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का अपना चुनावी वादा पूरा करना चाहिए। भाजपा की गलत नीतियों व हवा-हवाई कार्यक्रमों से देश के लोगों का भला होने वाला नहीं है।
साथ ही मायावती ने कहा की भाजपा के समर्थ व संपन्न लोग भी रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की प्रधानमंत्री की अपील मानने को तैयार नहीं हैं।
मायावती ने बसपा कार्यालय में पश्चिमी बंगाल और गुजरात के पार्टी पदाधिकारियों व प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की। उन्होंने सरकार की असलियत को उजागर करते हुए जनता को जागृत करने पर जोर दिया।
मध्यम आय वालों को हो रही परेशानी
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील पर स्वयं भाजपा के सामर्थ्यवान व संपन्न लोग ध्यान देने को तैयार नहीं लगते हैं।
कुछ बड़े-बड़े उद्योगपतियों की सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर नहीं लेने की खबरें जरूर छपी है। पहली नजर में ही यह अपराध जान पड़ता है कि बड़े-बड़े धन्नासेठ सब्सिडी वाली रसोई गैस अब तक क्यों लेते चले आ रहे थे?
क्या वे मोदी की सरकार बनने और उनकी अपील का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रियायती एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति को बैंक खाते से जोड़कर उसकी उपलब्धता को सीमित कर दिया गया है।
इससे शहरों में रहने वाले निम्न व मध्यम आय वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।