500 रुपए के दम पर करोड़पतियों को टक्कर
हरियाणा विधानसभा चुनावों में 90 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। हालांकि इन्हीं उम्मीदवारों के बीच रंजीता कौशिक एक ऐसी उम्मीदवार हैं, जिनके बैंक खाते में मात्र 500 रुपए हैं और वे विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं।
रंजीता कौशिक ने पानीपत की समालखा विधानसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीवार के रूप में पर्चा भरा है। अपने हलफनामे उन्होंने बताया है कि उनके पास चल और अचल संपत्ति नहीं हैं। वो अपने भाई के साथ मंडी गांव में दो कमरों के मकान में रहती हैं। उनके पास बैंक में मात्र 500 रुपए हैं। इन्हीं पैसों से उन्होंने चुनावों से पहले अपना बैंक खाता खुलवाया था।
रंजीता के पास सेलफोन भी नहीं है। उन्होंने हलफनामे में अपने भाई मुकेश का नंबर दिया है। मुकेश की गांव में ही पशुओं के चारे की दुकान है।
जिला परिषद का चुनाव 9 वोटों से हार गईं
रंजीता से जब ये पूछा गया कि ऐसा कैसे हो सकता है कि आपके पास मात्र 500 रुपए ही हों? उन्होंने कहा कि आप मेरी आर्थिक हैसियत की जांच करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मैं नेताओं की उस जमात से नहीं हूं, जिनका राजनीति में आने के मकसद पैसे कमाना है। मेरा मकसद आम लोगों की सेवा करना है। रंजीता ने बताया कि उन्होंने शादी नहीं की और अपना जीवन सामाजिक कार्यों को समर्पित कर दिया।
रंजीता पानीपत की जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं। वह 2005 में जिला परिषद की सदस्य बनी थीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें चेयरमैन पद के एक उम्मीदवार को वोट देने के लिए रुपए देने की पेशकश की गई, लेकिन उन्होंने उसे लेने से मना कर दिया।
रंजीता 2010 में जिला परिषद का चुनाव 9 वोटों से हार गईं। उन्होंने जब विधानसभा चुनाव के लिए पर्चा भरा था, तब ऑटोरिक्शा से नामांकन केंद्र तक गई थीं। चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने एक पुरानी जीप किराए पर ली है, जिसके इंधन और रखरखाव का खर्च मंडी गांव के लोग उठा रहे हैं।